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पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने किया आत्मसमर्पण, भेजे गए जेल, आश्रम की जमीन पर कब्जा का है आरोप
Thu, 12 Mar 2020 04:31 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 12 Mar 2020 04:31 PM IST
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उमाकांत यादव
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ में फूलपुर के गांधी आश्रम का ताला तोड़कर अवैध कब्जा करने और लूटपाट के आरोपी जौनपुर के पूर्व सांसद उमाकांत यादव ने गुरुवार को एमपी एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया।
इससे पहले सात मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव, रविकांत यादव व दिनेश कांत यादव की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आरोपी के आपराधिक इतिहास व आरोप की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है।
खुद पर लगे आरोपों को लेकर उमाकांत यादव का कहना था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जा किया है, जबकि सरकारी वकील का कहना था कि 1977 से अब तक आरोपी के खिलाफ 47 धोखाधड़ी, लूट, हत्या, दुराचार, लोक संपत्ति के नुकसान पहुंचाने के आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी को एक मामले में सजा भी हो चुकी है। वह महीनों तक जेल में रहे हैं। फिलहाल डीएम ने जांच कर गांधी आश्रम का अवैध कब्जा खाली करा लिया है। वह जमीन आश्रम के नाम से दर्ज है और आश्रम विश्व बैंक की मदद से बना है, जिसपर आरोपियों ने कब्जा कर लिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।
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इससे पहले सात मार्च को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद उमाकांत यादव, रविकांत यादव व दिनेश कांत यादव की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि आरोपी के आपराधिक इतिहास व आरोप की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं है।
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खुद पर लगे आरोपों को लेकर उमाकांत यादव का कहना था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जा किया है, जबकि सरकारी वकील का कहना था कि 1977 से अब तक आरोपी के खिलाफ 47 धोखाधड़ी, लूट, हत्या, दुराचार, लोक संपत्ति के नुकसान पहुंचाने के आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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सरकारी वकील ने बताया कि आरोपी को एक मामले में सजा भी हो चुकी है। वह महीनों तक जेल में रहे हैं। फिलहाल डीएम ने जांच कर गांधी आश्रम का अवैध कब्जा खाली करा लिया है। वह जमीन आश्रम के नाम से दर्ज है और आश्रम विश्व बैंक की मदद से बना है, जिसपर आरोपियों ने कब्जा कर लिया था। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी।