यूपी : पूर्व सांसद धर्मेंद्र ने संघमित्रा मौर्या के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल चुनाव याचिका ली वापस
मामला 2019 में बदायूं लोकसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। तब स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी मंत्री थे। उन्होंने अपनी पुत्री संघमित्रा मौर्य को यहां से टिकट दिलाया तो सामने सपा से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके धर्मेंद्र यादव हैट्रिक लगाने की जुगत भिड़ा रहे थे।
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बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के सपा में आने के बाद हुए सियासी समझौते अब अदालत की चौखट पर भी शांति रूप ले लिए हैं। सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने सांसद डाण्संघमित्रा के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर चुनावी याचिका वापस ले ली है। हालांकिए उनकी पुत्री संघमित्रा मौर्य अब भी भाजपा में हैं। मामले में धर्मेंद्र यादव ने डाण् संघ मित्रा के चुनाव को चुनौती दी थी। उन्होंने चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया था।
मामला 2019 में बदायूं लोकसभा चुनाव से जुड़ा हुआ है। तब स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और बदायूं जिले के प्रभारी मंत्री थे। उन्होंने अपनी पुत्री संघमित्रा मौर्य को यहां से टिकट दिलाया तो सामने सपा से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके धर्मेंद्र यादव हैट्रिक लगाने की जुगत भिड़ा रहे थे। डाण्संघमित्रा मौर्य चुनाव जीत गई थींए जबकि धर्मेंद्र यादव को हार का सामना करना पड़ा था।
धर्मेंद्र ने आरोप लगाया था कि मतों की गिनती में अधिकारियों ने हेराफेरी की है। हालांकि जिला प्रशासन ने वोटों की गणना में लिपिकीय त्रुटि स्वीकार करते हुए तत्काल सही कराने का दावा किया था। 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। तब संघमित्रा मौर्य के भी सपा में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं। जब स्वामी प्रसाद मौर्य सपा के टिकट पर पड़रौना से चुनाव लड़े थेए संघमित्रा के उनके पक्ष में बयानबाजी का वीडियो चर्चा में आया थाए लेकिन यह बात वह बार.बार दोहराती रही हैं कि राजनीति और परिवार अलग.अलग हैं। धर्मेंद्र यादव के याचिका वापस ले लेने से इस विवाद का पटाक्षेप हो गया है।