पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने प्रयागराज कोर्ट में किया आत्मसमर्पण, भेजा गया जेल
अजीत हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के खिलाफ कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद शुक्रवार को उन्होंने एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
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पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने शुक्रवार को पुलिस को चकमा देते हुए स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए इलाहाबाद में सरेंडर कर दिया। धनंजय एक पुराने मुकदमे में अपनी जमानत रद्द करवा ली। इसके बाद कोर्ट ने उनको जेल भेज दिया। स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में लंबित एक आपराधिक मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जमानतदार आशुतोष शर्मा ने अपनी जमानत वापस लिए जाने की अर्जी दी थी।
कोर्ट ने जमानतदार की अर्जी स्वीकार कर ली और धनंजय सिंह की ओर से नई जमानत प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। विशेष न्यायालय ने इस प्रकरण में 15 अप्रैल 2019 को धनंजय सिंह को जमानत पर रिहा किया था। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता देवेश शुक्ला और एडीजीसी राजेश कुमार गुप्ता तथा विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह को सुनने के बाद दिया है।
शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट एमपी एमएलए में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह के जमानतदार आशुतोष शर्मा पुत्र मोहन लाल निवासी बमरौली थाना धूमनगंज ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें अदालत को बताया गया कि धनंजय सिंह का जमानतदार है। उसने धनंजय सिंह की जमानत इसलिए ली थी कि वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे और अदालत में उपस्थित रहेंगे।
जमानतदार ने कहा कि ज्ञात हुआ है कि इनके विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसलिए वह अपना जमानत बंध पत्र वापस लेना चाहता है। कोर्ट ने आशुतोष शर्मा की जमानत वापसी की अर्जी स्वीकार कर ली और अदालत में उपस्थित अभियुक्त पूर्व सांसद धनंजय सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया। पूर्व सांसद की ओर से कोई नई जमानत प्रस्तुत नहीं की गई, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर केंद्रीय कारागार नैनी भेज दिया।
यह था प्रकरण