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पूर्व विधायक चंद्रभद्र, यशभद्र को कोर्ट ने भेजा जेल
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पूर्व विधायक चंद्रभद्र, यशभद्र को कोर्ट ने भेजा जेल
प्रयागराज। मारपीट और अनुसूचित जाति के व्यक्ति के उत्पीड़न के लंबित मुकदमे में इसौली सुल्तानपुर के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू और उनके भाई यशभद्र सिंह उर्फ मोनू को मंगलवार को स्पेशल कोर्ट ने जेल भेज दिया है। दोनों ने कोर्ट में गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद सरेंडर किया था। दोनों पर एससीएसटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अदालत से कई बार सम्मन और वारंट जारी होने पर भी यह दोनों हाजिर नहीं हो रहे थे। कोर्ट इनकी जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई करेगी। जमानत का विरोध करने के लिए अभियोजन ने संबंधित थाने से प्रस्तरवार आख्या मांगी है।
मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और सरकार की ओर से एसपीओ हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह गोपाल ने पक्ष रखा। सोनू व मोनू पर पांच फरवरी 2016 की सुल्तानपुर के कूड़ेभार की उषा सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी नीलम कोरी का नामांकन कराने गई थी।
इसी दौरान पूर्व विधायक और उनके समर्थकों ने उसे मारापीटा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। जान से मारने की नियत से फायरिंग भी की गई। बचाव पक्ष का कहना था कि हाईकोर्ट ने 45 दिन के अंदर कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था, लेकिन बीमारी के कारण दोनों समय से उपस्थित नहीं हो सके। बचाव पक्ष का तर्क था कि उन्होंने जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं किया है। हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय प्रदान किया है।
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प्रयागराज। मारपीट और अनुसूचित जाति के व्यक्ति के उत्पीड़न के लंबित मुकदमे में इसौली सुल्तानपुर के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह उर्फ सोनू और उनके भाई यशभद्र सिंह उर्फ मोनू को मंगलवार को स्पेशल कोर्ट ने जेल भेज दिया है। दोनों ने कोर्ट में गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद सरेंडर किया था। दोनों पर एससीएसटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अदालत से कई बार सम्मन और वारंट जारी होने पर भी यह दोनों हाजिर नहीं हो रहे थे। कोर्ट इनकी जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई करेगी। जमानत का विरोध करने के लिए अभियोजन ने संबंधित थाने से प्रस्तरवार आख्या मांगी है।
मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और सरकार की ओर से एसपीओ हरिओंकार सिंह, राधाकृष्ण मिश्र, एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह गोपाल ने पक्ष रखा। सोनू व मोनू पर पांच फरवरी 2016 की सुल्तानपुर के कूड़ेभार की उषा सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी नीलम कोरी का नामांकन कराने गई थी।
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इसी दौरान पूर्व विधायक और उनके समर्थकों ने उसे मारापीटा और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। जान से मारने की नियत से फायरिंग भी की गई। बचाव पक्ष का कहना था कि हाईकोर्ट ने 45 दिन के अंदर कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया था, लेकिन बीमारी के कारण दोनों समय से उपस्थित नहीं हो सके। बचाव पक्ष का तर्क था कि उन्होंने जानबूझकर हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन नहीं किया है। हाईकोर्ट ने दो सप्ताह का समय प्रदान किया है।
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