पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर बोले: झूठे और भ्रामक तथ्यों पर आधारित है FIR, AU प्रशासन सत्यता छिपाने का कर रहा प्रयास
घझए Amitabh Thakur ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें न सिर्फ बलपूर्वक छात्रों से वार्तालाप करने से रोका बल्कि, उन्होंने कल 21 जुलाई को भ्रामक और असत्य तथ्यों पर उनके तथा आजाद अधिकार सेना के अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर एफआईआर दर्ज करा दिया।
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आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को कहा कि उनके ऊपर इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा कर्नलगंज थाने में दर्ज कराया गया मुकदमा पूरी तरह भ्रामक और गलत तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र आशुतोष दुबे की आकस्मिक मृत्यु के संबंध में उनके पिता द्वारा दिए गए प्रार्थनापत्र पर न तो एफआइआर दर्ज किया गया है और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई जांच की जा रही है। अतः इस मामले में सत्यता जानने के लिए वे 19 जुलाई को मृतक के पिता के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों से वार्तालाप करने गए थे।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें न सिर्फ बलपूर्वक छात्रों से वार्तालाप करने से रोका बल्कि, उन्होंने कल 21 जुलाई को भ्रामक और असत्य तथ्यों पर उनके तथा आजाद अधिकार सेना के अन्य कार्यकर्ताओं के ऊपर एफआईआर दर्ज करा दिया।
अमिताभ ठाकुर ने कहा कि वे तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्थापित कर देंगे कि यह एफआईआर पूरी तरह भ्रामक और असत्य है और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जानबूझकर सत्यता को छिपाने और सच्चाई को सामने लाने में लगे लोगों को डराने के लिए दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि वे शीघ्र ही इस संबंध में प्रयागराज पुलिस से मिलकर अपने तथ्य और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है और इसमें अपनी सफाई दी है।
इविवि में प्रदर्शन में पूर्व आईपीएस समेत 21 पर केस
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में प्रदर्शन मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर समेत 21 पर रिपोट दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उन्होंने बिना किसी पूर्व अनुमति के परिसर में अपने समर्थकों के साथ घुसने का प्रयास किया। छात्रों को विवि के विरुद्ध धरना-प्रदर्शन, विरोध व नारेबाजी कर परिसर को अशांत करने के लिए उकसाया।
डॉ. राकेश सिंह कुलानुशासक की ओर से कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर बताया गया है कि 19 जुलाई को सर्वप्रथम यूनियन भवन गेट पर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने बिना किसी पूर्व अनुमति के परिसर में अपने समर्थकों के साथ घुसने का प्रयास किया। मीडिया के समक्ष विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर पहले यूनियन भवन गेट फिर केन्द्रीय पुस्तकालय स्थित मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन किया गया।
साथ ही अपने सहयोगियों के साथ प्रवेश द्वारों को बाधित किया गया, जिससे पढ़ने जा रहे छात्रों की कक्षाएँ बाधित हुईं। इससे विवि के प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान भी हुआ। एसीपी कर्नलगंज राजेश यादव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
तीन छात्रों पर भी केसप्रयागराज। 19 जुलाई को हुए प्रदर्शन के मामले में तीन छात्रों पर भी केस लिखाया गया है। कुलानुशासक डॉ. राकेश सिंह का आरोप है कि हरेंद्र कुमार, मनीष व सुधीर कुमार ने बिना अनुमति प्रदर्शन, विरोध व नारेबाजी कर परिसर को अशांत किया। अमिताभ ठाकुर को परिसर में आमंत्रित कर परिसर को अस्थिर करने का प्रयास किया। पुलिस ने बताया कि जांच की जा रही है।