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बदला चोला : राधा से कृष्ण बने पूर्व आईजी डीके पंडा, आवास में ही बना लिया मंदिर

Mon, 23 Jan 2023 04:25 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 23 Jan 2023 04:25 AM IST
सार

देश भर के साधु-संत इन दिनों माघ मेले में धूनी रमा रहे हैं। ईश्वर की आराधना के लिए माह भर संगम तट पर प्रवास कर रहे हैं। लेकिन कभी खुद को दूसरी राधा बताने वाले पूर्व आईजी डीके पंडा ने इससे दूरी बना रखी है।

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Former IG DK Panda became Krishna from Radha, built a temple in his residence
Prayagraj : पूर्व आईजी डीके पंडा। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देश भर के साधु-संत इन दिनों माघ मेले में धूनी रमा रहे हैं। ईश्वर की आराधना के लिए माह भर संगम तट पर प्रवास कर रहे हैं। लेकिन कभी खुद को दूसरी राधा बताने वाले पूर्व आईजी डीके पंडा ने इससे दूरी बना रखी है। माघ मेले को दुनियावी दिखावा बताने वाले पूर्व आईजी अब बाबा कृष्णानंद बन गए हैं। वह घर में ही बने मंदिर में कृष्ण भक्ति में लीन रहते हैं। पूर्व आईजी डीके पंडा उर्फ देबेंद्र किशोर पंडा धूमनगंज के प्रीतम नगर स्थित आवास में अकेले ही रहते हैं। रविवार को अमर उजाला ने यह पता करने की कोशिश की कि

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कभी कृष्ण प्रेम में अपना रूप बदल लेने वाले पूर्व आईजी अब क्या कर रहे हैं। तब मालूम हुआ कि बीतते वक्त के साथ ही भगवान कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति और भी प्रगाढ़ हुई है। लेकिन वह न तो कभी किसी आश्रम से जुड़े और न ही किसी मंदिर में गए। वह घर में ही रहकर अपने आराध्य की भक्ति में रमे हुए हैं।

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Former IG DK Panda became Krishna from Radha, built a temple in his residence
Prayagraj : पूर्व आईजी डीके पंडा का आवास। - फोटो : अमर उजाला।

उन्होंने कहा कि मेला शोर व कोलाहल का प्रतीक है, जबकि आराधना एकांत, ध्यान का विषय है। भक्ति वह है, जिसमें भक्त व भगवान के बीच तीसरा कोई न हो। जबकि मेला हो या मंदिर, वहां हर तरफ भीड़ है। यही वजह है कि वह न तो मंदिर गए और न ही कभी माघ मेले का रुख किया।

उन्होंने अपने घर को ही कृष्ण-प्रेमधाम मंदिर का नाम दे दिया है। यहां वह वर्तमान में बाबा कृष्णानंद के रूप में रहकर भगवान की पूजा अर्चना करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संत वह है जो स्थितिप्रज्ञ हो। इसका मतलब यह है कि उस पर सांसारिक चीजों से कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। अगर कोई संत अपने आसपास की घटनाओं को लेकर कथन करता है तो वह वास्तव में संत नहीं।

Former IG DK Panda became Krishna from Radha, built a temple in his residence
Prayagraj : पूर्व आईजी डीके पंडा का आवास। - फोटो : अमर उजाला।

भगवान के आदेश पर बदला रूप
अपने पूर्व रूप कृष्ण प्रिया (दूसरी राधा) के बारे में वह बताते हैं कि 2005 में भगवान के आदेश पर उन्होंने यह रूप धारण किया था। 2015 में भगवान कृष्ण उनके सपने में आए और यह रूप त्यागने को कहा, जिस पर उन्होंने ऐसा ही किया। 2017 से वह बाबा कृष्णानंद के रूप में रहकर भक्ति कर रहे हैं। अब वह पूर्व की तरह नारी रूप में नहीं रहते। बल्कि संत की तरह पीत वस्त्र धारण कर रहते हैं।

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2005 में दिया था इस्तीफा
1971 बैच के आईपीएस अफसर पूर्व आईजी डीके पंडा मूल रूप से उड़ीसा के रहने वाले हैं। 2005 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। तब उनकी तैनाती लखनऊ में आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थी। 2005 में तब वह सुर्खियों में आए, जब उन्होंने महिला का रूप धरकर खुद को दूसरी राधा घोषित कर दिया था। वह महिलाओं की तरह सोलह शृंगार करने लगे थे। मांग में सिंदूर व माथे पर बिंदी लगाने के साथ ही कानों में बाली, नाक में नथ, पैरों में घुंघरू पहनने लगे थे।

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