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गृहमंत्री भूल गए सीबीआई जांच का वादा

Tue, 31 Mar 2015 11:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद Updated Tue, 31 Mar 2015 11:56 PM IST
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Forgot Minister promises probe
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने चुनावी रैली के अलावा कई अन्य मौकों पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्तियाें और अध्यक्ष के खिलाफ सीबीआई जांच कराने का वादा किया। केंद्र में सरकार बनने के बाद भी राजनाथ सिंह ने कई बार इस तरह का आश्वासन दिया लेकिन तकरीबन10 महीने बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई। इसकी वजह से प्रतियोगियों और छात्रों में प्रदेश के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ भी नाराजगी तो है ही, पेपर लीक होने के बाद आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत भाजपा कार्यकर्ताओं को भी उनके गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। गुस्सा का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में गृहमंत्री और प्रधानमंत्री के पुतले फूंके गए। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं में डर है कि आगामी विधानसभा में उन्हें इसका नुकसान न उठाना पड़े।
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राजनाथ सिंह ने चुनावी रैली के अलावा दिल्ली में उनसे मिलने गए छात्र नेताओं को आश्वासन दिया था कि  आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच के लिए पहल की जाएगी। गृहमंत्री ने आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलन में अगुआ की भूमिका निभाने वाले छात्र नेता राणा यशवंत प्रताप सिंह को यहां आयोजित रैली के मंच पर आमंत्रित करके शाबासी भी दी थी। इसके अलावा पिछले साल एक जनवरी को आयोग अध्यक्ष के खिलाफ ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ भवन पर हुए जबरदस्त आंदोलन के दौरान सांसद केशव प्रसाद मौर्या के भाषण के बाद जमकर तांडव हुआ था। सुरक्षा कर्मियों ने छात्राें और प्रतियोगियों को विश्वविद्यालय में घुसकर मारा था तो प्रतिक्रिया में छात्रों ने भी जमकर तोड़फोड़ की। कई वरिष्ठ नेताओं ने भी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई, जो अब भी जारी है।
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 पीसीएस का पेपर आउट होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेई, डॉ.नरेंद्र सिंह गौर समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने आयोग अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के खिलाफ बयानबाजी शुरू कर दी है। इसके बावजूद केंद्र सरकार की ओर से सीबीआई जांच की मांग के लिए पहल तो दूर केंद्रीय नेताओं की ओर से बयान भी नहीं आए। इससे आंदोलन में शामिल भाजपा नेताओं के बयान और आंदोलन का मखौल उड़ने लगा है। दो मौके ऐसे भी आए जब आंदोलनकारी छात्रों ने राजनाथ सिंह का पुतला दहन किया। आंदोलन में शामिल भाजपा कार्यकर्ता ने मना किया लेकिन उनके विरोध का छात्रों पर कोई असर नहीं हुआ। उल्टे कार्यकर्ताओं को उनकी नाराजगी झेलनी पड़ी।
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