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मंत्री उपेन्द्र तिवारी का स्पेशल कोर्ट में सरेंडर, मिली जमानत, रद्द हुआ गैरजमानती वारंट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Thu, 29 Nov 2018 03:42 AM IST
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रास्ता रोक कर प्रदर्शन करने के मुकदमे में बुधवार को प्रदेश के वन मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने स्पेशल कोर्ट (एमपी एमएलए) में सरेंडर किया। उन्होंने जमानत के लिए अर्जी प्रस्तुत की, जिस पर सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट ने जमानत अर्जी मंजूर कर ली। मामले की अगली सुनवाई दस जनवरी 2019 को होगी।
यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र को सुनकर दिया है। घटना 29 मार्च 2013 की बलिया के फेफना थाने की है। तत्कालीन भाजपा के जिला अध्यक्ष उपेंद्र तिवारी पर आरोप है कि अपने समर्थकों के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था।
इस प्रकरण में बुधवार को उपेन्द्र तिवारी ने स्पेशल कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के एक अन्य मुकदमे में उपेंद्र तिवारी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट किया था। बुधवार को उन्होंने वारंट निरस्त करने की अर्जी दी । जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारंट निरस्त कर 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
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तीन मुकदमों में दर्ज कराया बयान
प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के तीन मुकदमों में अभियोजन साक्ष्य समाप्त होने के बाद बुधवार को उपेंद्र तिवारी का बयान दर्ज किया गया। अगली सुनवाई सफाई साक्ष्य के लिए सात जनवरी 2019 की तारीख नियत की गई है।
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यह आदेश स्पेशल जज पवन कुमार तिवारी ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र को सुनकर दिया है। घटना 29 मार्च 2013 की बलिया के फेफना थाने की है। तत्कालीन भाजपा के जिला अध्यक्ष उपेंद्र तिवारी पर आरोप है कि अपने समर्थकों के साथ सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था।
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इस प्रकरण में बुधवार को उपेन्द्र तिवारी ने स्पेशल कोर्ट में उपस्थित होकर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने के एक अन्य मुकदमे में उपेंद्र तिवारी के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट किया था। बुधवार को उन्होंने वारंट निरस्त करने की अर्जी दी । जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारंट निरस्त कर 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
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तीन मुकदमों में दर्ज कराया बयान
प्रयागराज के कर्नलगंज थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के तीन मुकदमों में अभियोजन साक्ष्य समाप्त होने के बाद बुधवार को उपेंद्र तिवारी का बयान दर्ज किया गया। अगली सुनवाई सफाई साक्ष्य के लिए सात जनवरी 2019 की तारीख नियत की गई है।
मामला 29 मार्च 1996 का कर्नलगंज थाना क्षेत्र के हिंदू हॉस्टल का है। इस प्रकरण में उपेंद्र तिवारी सहित अन्य पर तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। तीनों मामलों की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में की जा रही है।
आरोप है कि उपेंद्र तिवारी अपने साथियों के साथ जयशंकर राय पर तमंचे से फायर कर हत्या का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी थी। विधि विरुद्ध जमाव कर पुलिस पार्टी पर हमला किया और पुलिस पर बम फेंक कर आरक्षी विजय कुमार सहित अन्य लोगों की हत्या का प्रयास किया था। तीनों मामलों में अभियोजन का साक्ष्य समाप्त हो गया है। अब बचाव पक्ष का साक्ष्य होगा।
आरोप है कि उपेंद्र तिवारी अपने साथियों के साथ जयशंकर राय पर तमंचे से फायर कर हत्या का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी दी थी। विधि विरुद्ध जमाव कर पुलिस पार्टी पर हमला किया और पुलिस पर बम फेंक कर आरक्षी विजय कुमार सहित अन्य लोगों की हत्या का प्रयास किया था। तीनों मामलों में अभियोजन का साक्ष्य समाप्त हो गया है। अब बचाव पक्ष का साक्ष्य होगा।