फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   flock of sheep entered in Priyanka convoy shepherd said all have been found

प्रयागराज: प्रियंका के काफिले में घुसा भेड़ों का झुंड, चरवाहा ने ली राहत की सांस, कहा- सभी भेड़ें मिल गईं

Sun, 21 Feb 2021 09:36 PM IST
सुशील कुमार कुमार अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sun, 21 Feb 2021 09:36 PM IST
विज्ञापन
flock of sheep entered in Priyanka convoy shepherd said all have been found
prayagraj news : बसवार गांव में मछुआरों से बातचीत करतीं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी। - फोटो : prayagraj
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को प्रयागराज जिले के बसवार दौरे पर थीं। उन्होंने गांव के मछुआरे समाज से मुलाकात की। लेकिन गांव में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रियंका गांधी के काफिले में भेड़ों का झुंड घुस गया। प्रियंका गांधी यमुना किनारे अपने कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ टूटी हुई नावें देखने पैदल जा रही थीं। इसी बीच भेड़ों का झुंड काफिले में घुस गया।
विज्ञापन


चरवाहा गेंदा लाल पाल इस घटना से परेशान हो गया। वह डंडे से भेड़ों को हांक कर बाहर निकालने में लगा रहा। कांग्रेस महासचिव के मौके से रवाना होने के बाद बाद गेंदा लाल पाल ने बताया कि उन्हें कुछ देर पहले ही पता चला था कि प्रियंका गांधी यहां आई हैं। काफिले में भेड़ों के झुंड के घुसने के बारे में गेंदा लाल ने कहा कि हमें तो बस इस बात का डर था कि इस भीड़ में कहीं हमारी भेड़ न खो जाए। लेकिन भगवान की कृपा से हमारी सभी 100 भेड़ें मिल गईं।
विज्ञापन


बुझ गई मछुआरों के घरों की चूल्हे की आग 
बता दें कि बालू खनन पर 24 जून 2019 को रोक लगने के बाद से ही बसवार गांव के मछुआरों के घरों की चूल्हे की आग भी बुझ गई। बच्चों की फीस की पढ़ाई और बीमारी में उपचार कराने तक के लिए पैसा भी नहीं रहा। रविवार को जब प्रियंका गांधी बसवार गांव के उत्तर पट्टी पुरवा में पहुंची तो लोगों का दर्द उनके सामने झलक उठा। उन्होंने प्रियंका गांधी से नाव से बालू खनन पर फिर चालू कराने की मांग की। 
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के झलके आंसू
उत्तर पट्टी पुरवा के विनोद निषाद के मकान के दरवाजे के सामने लगी चौपाल के दौरान न केवल पुरुषों ने, बल्कि महिलाओं के आंसू झलक आए। बोला, दीदी जबसे बालू खनन पर रोक लगी है, तबसे घर का खर्चा चलना मुश्किल हो गया है। शिवलोचन निषाद ने कहा कि यमुना किनारे बालू की खुदाई ही उनके जीवन का स्रोत है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed