Prayagraj : पांच मिनट का सफर, आधे घंटे का इंतजार, हाईकोर्ट पानी की टंकी पर लग रहा भीषण जाम
हाईकोर्ट-पानी की टंकी चौराहे के पास बृहस्पतिवार दोपहर भीषण जाम लग गया। टंकी चौराहे से सुलेमसराय तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही।
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हाईकोर्ट-पानी की टंकी चौराहे के पास बृहस्पतिवार दोपहर भीषण जाम लग गया। टंकी चौराहे से सुलेमसराय तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। जाम में एंबुलेंस भी फंसी रही। महज पांच मिनट का सफर तय करने में आधे घंटे से अधिक का वक्त लग गया। इससे स्कूली बच्चे, कामकाजी लोगों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
सुबह आठ-नौ बजे से ही यहां वाहनों का दबाव बढ़ा था। 12 बजे के बाद पानी की टंकी चौराहा, खुसरोबाग चौराहा, सुलेमसराय व धूमनगंज आने-जाने वाले मार्ग पर जाम जैसे हालात रहे। धूमनगंज निवासी बाइक चालक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह पिछले 20 मिनट से जाम में फंसे हैं। विपरीत दिशा से आ रहे वाहनों के कारण रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। निकलने की जगह नहीं बची है। उन्होंने कहा कि पुलिस मौके पर होती तो स्थिति बिगड़ती। पुलिस कर्मियों के न होने से लोग जहां-तहां से निकलने का प्रयास करते हैं। इस वजह से व्यवस्था बिगड़ जाती है।
स्कूलों की छुट्टी के बाद अक्सर लगता है जाम
कई इलाकों में स्कूलों की छुट्टी के वक्त ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार देखने को मिल रही है। सुबह और दोपहर के समय स्कूलों के बाहर अचानक बढ़ने वाली भीड़ के कारण सड़कें जाम हो जाती हैं। इससे स्कूली बच्चों के साथ आम लोगों को परेशानी होती है। जाम में फंसे खुल्दाबाद अटाला निवासी राहगीर निरंजन सिंह ने बताया कि स्कूल छूटते ही बड़ी संख्या में वाहन एक साथ निकलते हैं, जिससे मुख्य सड़कों पर दबाव बढ़ जाता है।
पांच दशक पुराना हाईकोर्ट पानी टंकी पुल दो महीने में हो जाएगा ध्वस्त
हाईकोर्ट पानी टंकी रेलवे ओवर ब्रिज के ध्वस्तीकरण के काम में बृहस्पतिवार को तेजी आ गई। सेतु निगम की तरफ से नामित संस्था उमा कांट्रेक्टर ने पुल को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया है। दो महीने के भीतर 50 साल पुराना पुल ध्वस्त हो जाएगा। रेलवे ने ट्रैक के ऊपर जर्जर पुल के भाग को ध्वस्त करने काम करीब एक महीने पहले शुरू किया था। अब सेतु निगम की तरफ से शेष भाग को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। ऐसे में मानसून के बाद यानि अगस्त या सितंबर से नए रेलवे पुल के निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। जर्जर हो चुके हाईकोर्ट पानी टंकी पुल को वर्ष 2023-2024 के आसपास बड़े वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था।
तब से सिर्फ दो पहिया वाहनों का संचालन पुल पर हो रहा था। 13 फरवरी 2026 को शासन की तरफ से पुल के निर्माण की पहली किस्त 11 करोड़ 58 लाख 38 हजार रुपये जारी कर दी गई। ऐसे में करीब एक महीने पहले पुल को पूरी तरह से बंद कर रेलवे ने ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया। जर्जर पुल को ध्वस्त करने के लिए 50 लाख रुपये की लागत आएगी।
पुराने शहर से नए शहर को जोड़ने वाले हाईकोर्ट पानी टंकी रेलवे पुल का निर्माण 51.50 करोड़ रुपये की लागत से होना है। जिसमें 18 करोड़ 40 लाख 37 हजार रुपये की लागत से रेलवे को निर्माण करना है। जिसमें इसी स्थान पर टू लेन का 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया जाएगा।
जर्जर हो चुके हाईकोर्ट पानी टंकी स्थित खुसरोबाग रेलवे ओवरब्रिज के ध्वस्तीकरण का काम सेतु निगम की तरफ से शुरू कर दिया गया है। जून तक काम पूरा हो जाएगा। मानसून के बाद इसी स्थान पर नए आरओबी का निर्माण शुरू होगा। - रोहित मिश्रा, परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम।