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शाही में उड़ी अफवाह... महिला को शेर खा गया
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पदचिह्न तलाशते वनकर्मी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
प्रधान ने मस्जिद से कराया एलान- शेर आ गया है, खेतों की तरफ न जाए कोई
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मीरगंज, बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची
शाही। शाही इलाके के गांव लालपुर की दो महिलाएं शुक्रवार सुबह घास काटने जंगल गईं थीं। वहां एक महिला ने किसी जंगली जानवर को देखकर शेर होने का हल्ला मचा दिया। एक महिला वहां से भाग खड़ी हुई, जबकि दूसरी वहीं रह गई। भागकर गांव पहुंची महिला ने गांव वालों को बताया कि उसके साथ गई महिला को शेर मारकर खा गया है। इस पर प्रधान ने मस्जिद से एलान करा दिया कि कोई भी खेतों की तरफ न जाए, शेर आ गया है।
सूचना मिलने पर एसडीएम ने डीएफओ को जानकारी दी। इसके बाद मीरगंज सहित बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। टीमों ने जांच की तो मामला झूठा निकला। जंगल में रह गई महिला भी कुछ देर बाद अपने घर पहुंच गई। हालांकि वह वन विभाग की टीम के सामने शेर देखने का दावा करती रही।
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शाही इलाके के गांव लालपुर की कमलेश और सुरजा देवी शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घास काटने जंगल में गई थीं। घास की तलाश में दोनों पड़ोसी गांव बुझिया के रकबे में पहुंच गईं। वहां मुरारी पंडित के गन्ने के खेत की मेड़ से घास काटने लगीं। कुछ देर बाद ही कमलेश ने शेर दिखाई देने का शोर मचा दिया। इस पर थोड़ी दूर मौजूद सुरजा देवी ने बुझिया गांव की ओर दौड़ लगा दी। गांव पहुंचकर ग्रामीणों को बताया कि कमलेश को शेर खा गया है।
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आननफानन ग्राम प्रधान राजकुमार गुप्ता ने मस्जिद से एलान करा दिया कि कोई भी व्यक्ति खेतों की ओर न जाए, शेर आ गया है। उसने एक महिला को मारकर खा लिया है। लाउडस्पीकर पर एलान सुनकर गांव वाले लाठी-डंडे और भाले लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलने पर तहसील और जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। रेंजर संतोष सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। सूचना पर बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से भी वन विभाग की टीमें बुला ली गईं। वन विभाग की टीमों ने ग्रामीणों के साथ खेतों पर जाकर देखा तो वहां किसी भी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिले।
महिलाओं ने गीदड़ जैसा कोई जानवर सामने देख कर घबराहट में शेर होने का शोर मचा दिया, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं था। वन विभाग की टीम लालपुर गांव पहुंची और दोनों महिलाओं से भी बात की। हालांकि वे शेर देखने का ही दावा कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि उनकी घास की बोरी, चप्पलें, खुरपी आदि भी खेत पर छूट गई। दहशत की वजह से महिलाएं घर पहुंचने के बाद बेहोश हो गईं। परिजन ने पानी के छींटे मारे तो उन्हें होश आया। - संतोष सिंह, रेंजर
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मीरगंज, बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची शाही। शाही इलाके के गांव लालपुर की दो महिलाएं शुक्रवार सुबह घास काटने जंगल गईं थीं। वहां एक महिला ने किसी जंगली जानवर को देखकर शेर होने का हल्ला मचा दिया। एक महिला वहां से भाग खड़ी हुई, जबकि दूसरी वहीं रह गई। भागकर गांव पहुंची महिला ने गांव वालों को बताया कि उसके साथ गई महिला को शेर मारकर खा गया है। इस पर प्रधान ने मस्जिद से एलान करा दिया कि कोई भी खेतों की तरफ न जाए, शेर आ गया है।
सूचना मिलने पर एसडीएम ने डीएफओ को जानकारी दी। इसके बाद मीरगंज सहित बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। टीमों ने जांच की तो मामला झूठा निकला। जंगल में रह गई महिला भी कुछ देर बाद अपने घर पहुंच गई। हालांकि वह वन विभाग की टीम के सामने शेर देखने का दावा करती रही।
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शाही इलाके के गांव लालपुर की कमलेश और सुरजा देवी शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घास काटने जंगल में गई थीं। घास की तलाश में दोनों पड़ोसी गांव बुझिया के रकबे में पहुंच गईं। वहां मुरारी पंडित के गन्ने के खेत की मेड़ से घास काटने लगीं। कुछ देर बाद ही कमलेश ने शेर दिखाई देने का शोर मचा दिया। इस पर थोड़ी दूर मौजूद सुरजा देवी ने बुझिया गांव की ओर दौड़ लगा दी। गांव पहुंचकर ग्रामीणों को बताया कि कमलेश को शेर खा गया है।
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आननफानन ग्राम प्रधान राजकुमार गुप्ता ने मस्जिद से एलान करा दिया कि कोई भी व्यक्ति खेतों की ओर न जाए, शेर आ गया है। उसने एक महिला को मारकर खा लिया है। लाउडस्पीकर पर एलान सुनकर गांव वाले लाठी-डंडे और भाले लेकर खेतों की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलने पर तहसील और जिला प्रशासन भी हरकत में आ गया। रेंजर संतोष सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। सूचना पर बहेड़ी, आंवला और फरीदपुर से भी वन विभाग की टीमें बुला ली गईं। वन विभाग की टीमों ने ग्रामीणों के साथ खेतों पर जाकर देखा तो वहां किसी भी जंगली जानवर के पगचिह्न नहीं मिले।
महिलाओं ने गीदड़ जैसा कोई जानवर सामने देख कर घबराहट में शेर होने का शोर मचा दिया, जबकि वास्तव में ऐसा कुछ नहीं था। वन विभाग की टीम लालपुर गांव पहुंची और दोनों महिलाओं से भी बात की। हालांकि वे शेर देखने का ही दावा कर रही हैं। महिलाओं ने बताया कि उनकी घास की बोरी, चप्पलें, खुरपी आदि भी खेत पर छूट गई। दहशत की वजह से महिलाएं घर पहुंचने के बाद बेहोश हो गईं। परिजन ने पानी के छींटे मारे तो उन्हें होश आया। - संतोष सिंह, रेंजर