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Prayagraj News: पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के चार महंतों समेत अन्य पर एफआईआर
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पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के चार महंतों पर कीडगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर शीर्ष संतों को अवैध तरीके से पद से हटाने के लिए फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों की कूटरचना, मारपीट, गालीगलौज, धमकी व आपराधिक षडयंत्र का आरोप लगाया गया है। अखाड़े के सचिव संत अग्रदास की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज किया गया है।
तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर, पूर्व और दक्षिण पद्धति के अन्य तीन मुखिया महंतों और उनके संबंधित अनुयायियों ने अवैध माध्यम से पश्चिम पद्धति की शक्तियों को हड़पने और अतिक्रमण करने का प्रयास किया। पश्चिम पद्धति के मुखिया महंत रघुमुनि, उदासीन संप्रदाय के प्रधान कार्यालय के महासचिव मुखिया महंत अग्रदास एवं मुखिया महंत दामोदार दास (कोषाध्यक्ष (कोठरी), कनखल, हरिद्वार) को बदनाम करने के लिए झूठे, आधारहीन आरोपों का इस्तेमाल किया। प्रयास किसी भी तरह से सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों को पश्चिम पद्धति से बाहर करने का था, ताकि ये लोग योजनाबद्ध तरीके से उदासीन संप्रदाय से पश्चिम पद्धति के बढ़ते अनुयायियों, मुखामियों, निर्वाणों को पूरी तरह से कम कर सकें।
अपनी मंशा की पूर्ति के लिए पूर्व, उत्तर और दक्षिण पद्धति के तीन मुखिया महंतों ने मिलीभगत कर वैध रूप से निर्वाचित मुखिया महंत रघुमुनि, उदासीन संप्रदाय के प्रधान कार्यालय में मुखामी महंत अग्रदास, महासचिव, एवं शाखा कार्यालय (हरिद्वार) में कोषाध्यक्ष (कोठारी) मुकामी महंत दामोदर दास को हटाने के लिए संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करके इसे दो मई को पारित किया था। दक्षिण पद्धति के मुखिया महंत दुर्गादास के निर्देशन में, उपरोक्त नामित अभियुक्तों के साथ-साथ गुंडों ने जबरदस्ती उनसे महासचिव का प्रभार लेने की कोशिश की और विरोध पर दुर्व्यवहार किया, धमकाया। अवैध संकल्प पत्र जारी करने के खिलाफ मुखिया महंत रघुमुनि ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
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जिस पर अवैध प्रस्ताव के प्रभाव पर न्यायालय ने रोक लगा दी। इसके बाद से नामित व्यक्तियों उन्हें व अन्य पदाधिकारियों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि अवैध प्रस्ताव के माध्यम से महंत व्यास मुनि को स्थायी सचिव बनाया गया और महंत हंसमुनि को सहायक सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। अभियुक्तगण अखाड़े के करोड़ाें रुपये व संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए अवैध कार्य कर रहे हैं। तीन जुलाई को लिखित शिकायत के बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। पुलिस अफसरों से भी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने इसके बाद कोर्ट में गुहार लगाई। कीडगंज प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
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तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया है कि उत्तर, पूर्व और दक्षिण पद्धति के अन्य तीन मुखिया महंतों और उनके संबंधित अनुयायियों ने अवैध माध्यम से पश्चिम पद्धति की शक्तियों को हड़पने और अतिक्रमण करने का प्रयास किया। पश्चिम पद्धति के मुखिया महंत रघुमुनि, उदासीन संप्रदाय के प्रधान कार्यालय के महासचिव मुखिया महंत अग्रदास एवं मुखिया महंत दामोदार दास (कोषाध्यक्ष (कोठरी), कनखल, हरिद्वार) को बदनाम करने के लिए झूठे, आधारहीन आरोपों का इस्तेमाल किया। प्रयास किसी भी तरह से सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों को पश्चिम पद्धति से बाहर करने का था, ताकि ये लोग योजनाबद्ध तरीके से उदासीन संप्रदाय से पश्चिम पद्धति के बढ़ते अनुयायियों, मुखामियों, निर्वाणों को पूरी तरह से कम कर सकें।
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अपनी मंशा की पूर्ति के लिए पूर्व, उत्तर और दक्षिण पद्धति के तीन मुखिया महंतों ने मिलीभगत कर वैध रूप से निर्वाचित मुखिया महंत रघुमुनि, उदासीन संप्रदाय के प्रधान कार्यालय में मुखामी महंत अग्रदास, महासचिव, एवं शाखा कार्यालय (हरिद्वार) में कोषाध्यक्ष (कोठारी) मुकामी महंत दामोदर दास को हटाने के लिए संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर करके इसे दो मई को पारित किया था। दक्षिण पद्धति के मुखिया महंत दुर्गादास के निर्देशन में, उपरोक्त नामित अभियुक्तों के साथ-साथ गुंडों ने जबरदस्ती उनसे महासचिव का प्रभार लेने की कोशिश की और विरोध पर दुर्व्यवहार किया, धमकाया। अवैध संकल्प पत्र जारी करने के खिलाफ मुखिया महंत रघुमुनि ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
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जिस पर अवैध प्रस्ताव के प्रभाव पर न्यायालय ने रोक लगा दी। इसके बाद से नामित व्यक्तियों उन्हें व अन्य पदाधिकारियों को हटाने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप यह भी है कि अवैध प्रस्ताव के माध्यम से महंत व्यास मुनि को स्थायी सचिव बनाया गया और महंत हंसमुनि को सहायक सचिव पद पर नियुक्त किया गया है। अभियुक्तगण अखाड़े के करोड़ाें रुपये व संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए अवैध कार्य कर रहे हैं। तीन जुलाई को लिखित शिकायत के बावजूद रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। पुलिस अफसरों से भी शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने इसके बाद कोर्ट में गुहार लगाई। कीडगंज प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।