Meja Accident : हादसे के बाद डंपर फूंकने और हाईवे जाम करने में 200 पर एफआईआर, पुलिस के प्रति लोगों में गुस्सा
मंगलवार दोपहर बेकाबू डंपर ने समहन गांव के सामने हाईवे पर साइकिल से घर जा रही पांच छात्राओं को रौंद दिया था। इसमें समहन गांव की इंटर की छात्रा रिद्धि की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं बलुहा गांव की सिमरन (16) डंपर के नीचे फंस गई थी। तीन अन्य छात्राएं रितु (15) निवासी बलुहा, राधा (16) निवासी टिकुरी और नेहा (15) घायल हो गई थीं। हादसे से आक्रोशित हुए लोगों ने डंपर में तोड़फोड़ करने के साथ आग लगा दी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समहन गांव के सामने हाईवे पर हादसे में छात्रा की मौत के बाद डंपर फूंकने, हाईवे जाम करने और पुलिस से धक्कामुक्की करने में पुलिस ने कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार को मेजा पुलिस ने दो सौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने उन लोगों को नामजद किया है जिन लोगों का चेहरा हंगामा करने के दौरान कैमरे में कैद हुआ था।
मंगलवार दोपहर बेकाबू डंपर ने समहन गांव के सामने हाईवे पर साइकिल से घर जा रही पांच छात्राओं को रौंद दिया था। इसमें समहन गांव की इंटर की छात्रा रिद्धि की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं बलुहा गांव की सिमरन (16) डंपर के नीचे फंस गई थी। तीन अन्य छात्राएं रितु (15) निवासी बलुहा, राधा (16) निवासी टिकुरी और नेहा (15) घायल हो गई थीं। हादसे से आक्रोशित हुए लोगों ने डंपर में तोड़फोड़ करने के साथ आग लगा दी। साथ ही सड़क जाम कर दिया था। इतना ही नहीं समझाने पर पुलिस से भी धक्का-मुक्की भी की गई थी। करीब सवा दो घंटे तक सड़क जाम रही। इससे दौरान संख्या वाहन दोनों तरफ फंसे रहे।
मेजा थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय ने बताया कि सड़क जाम करने, डंपर फूंकने और पुलिस से धक्का-मुक्की करने के आरोप में दो सौ लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि उन लोगों के नाम एफआईआर में शामिल किए गए हैं जो लोग हंगामा कर रहे थे। कैमरे में कैद लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
गम और गुस्से के बीच बुधवार सुबह रिद्धि के शव का सिरसा के छतवा गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। बाबा त्रिवेणी प्रसाद मिश्र ने नम आंखों से मुखाग्नि दी। उधर, अंतिम संस्कार में जुटे लोग नो इंट्री के बाद भी डंपर चलने देने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते रहे।
रिद्धि मिश्रा (17) मेजा के समहन गांव की रहने वाली थी। उसके पिता जय प्रकाश मिश्रा की मृत्यु तीन साल पहले सड़क हादसे में हो गई थी। वह गांव में ही स्थित जीआईसी में 12वीं की छात्रा थी और सिरसा में कोचिंग पढ़ती थी। मंगलवार दोपहर दो बजे के करीब वह साइकिल से घर लौट रही थी। वह गांव के पास कठौली गांव में स्थित काशी प्रसाद सिंह इंटर कॉलेज में नौवीं कक्षा की चार छात्राएं भी छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं। यहां बेकाबू डंपर ने पांचों छात्राओं को चपेट में ले लिया।
हादसे में रिद्धि की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि सिमरन (16) निवासी बलुहा, डंपर के नीचे फंसी थी। तीन अन्य छात्राएं रितु (15) निवासी बलुहा, राधा (16) टिकुरी, और नेहा (15) घायल अवस्था में पड़ी थीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए और वह घटना से आक्रोशित हो उठे। इसी दौरान डंपर में आग लगा दी गई। रोकने की कोशिश पर एसीपी रवि गुप्ता व मेजा थाने के एक दरोगा से भीड़ में शामिल कुछ युवकों ने धक्कामुक्की भी की।
फायरब्रिगेड पहुंची तो उसे भी रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के मना करने पर आक्रोशित लोगों ने हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। कुछ देर बाद डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव भी आ गए और उन्होंने समझाया, तब जाकर दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हुआ।
इधर, बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद रिद्धि का शव समहन गांव घर लाया गया तो कोहराम मच गया। पुलिस की मौजूदगी में सिरसा के छतवा गंगाघाट पर अंतिम संस्कार किया गया। गंगाघाट पर एसीपी रवि गुप्ता, मेजा थानाध्यक्ष राजेश उपाध्याय सहित कई थाने की फोर्स मौजूद रही। बाबा त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि रिद्धि शुरू से ही मेधावी छात्रा थी। वह घर पर मां के कामों में भी हाथ बंटाती थी और स्कूल की पढ़ाई भी करती थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इधर, छात्रा की मौत के बाद कई घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीण और रिश्तेदार शोक जताने छात्रा के घर पहुंचते रहे।