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रामपुर में उर्दू गेट ढहाने के खिलाफ याचिका दाखिल
Fri, 15 Mar 2019 07:49 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 15 Mar 2019 07:49 PM IST
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आजम
- फोटो : SELF
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पूर्व मंत्री आजम खां के ड्रीम प्रोजेक्ट रामपुर स्थित उर्दू गेट बुल्डोजर चलाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। आरोप है कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बिना नोटिस जारी किए की गई है। जनहित याचिका रामपुर के विक्की कुमार ने दाखिल की है। इस पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की पीठ सुनवाई कर रही है।
याचिका पर अधिवक्ता इमरानउल्लाह ने बहस की। याची का कहना है कि उर्दू गेट का निर्माण सरकारी योजना के तहत टेंडर जारी कर कराया गया था। प्रदेश सरकार ने बिना कोई नोटिस दिए इसे ध्वस्त करा दिया। ऐसा करके सरकारी धन की बर्बादी की गई है। यह नहीं बताया गया कि किस कानून के तहत ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। मांग की गई है कि ध्वस्तीकरण की जांच कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
आजम खां उनकी पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस पर 25 मार्च को सुनवाई होगी। पूर्व में दाखिल याचिका की सुनवाई से एक जज के खुद को अलग कर लेने केबाद याचिका अब न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ में नामित की गई है।
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याचिका पर अधिवक्ता इमरानउल्लाह ने बहस की। याची का कहना है कि उर्दू गेट का निर्माण सरकारी योजना के तहत टेंडर जारी कर कराया गया था। प्रदेश सरकार ने बिना कोई नोटिस दिए इसे ध्वस्त करा दिया। ऐसा करके सरकारी धन की बर्बादी की गई है। यह नहीं बताया गया कि किस कानून के तहत ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। मांग की गई है कि ध्वस्तीकरण की जांच कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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आजम खां उनकी पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस पर 25 मार्च को सुनवाई होगी। पूर्व में दाखिल याचिका की सुनवाई से एक जज के खुद को अलग कर लेने केबाद याचिका अब न्यायमूर्ति मनोज मिश्र और न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की पीठ में नामित की गई है।
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