टीएसएल कंपनी के सामने स्थित विद्युत कार्यशाला में सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। ट्रांसफार्मर के स्क्रैप में लगी आग को बुझाने में फायर कर्मियों को 12 घंटे मशक्कत करनी पड़ी। आग बुझाने के लिए दमकल की 14 गाड़ियां व फॉग के दो कंटेनरों का प्रयोग किया गया। जेसीबी की मदद से देर शाम तक स्क्रैप हटाकर आग बुझाने का काम चलता रहा।
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Prayagraj News : नैनी स्थित ट्रांसफार्मर के वर्कशाप में लगी भीषण आग।
- फोटो : अमर उजाला।
टीएसएल कंपनी के सामने स्थित विद्युत विभाग की कार्यशाला में सोमवार सुबह ट्रांसफार्मर के स्क्रैप से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। वहां मौजूद कर्मचारी कुछ समझ पाते इसके पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। कर्मचारियों ने इसकी सूचना अधिकारियों के साथ पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी। पहले तो कर्मचारियों ने फायर उपकरणों से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन स्क्रैप में तेल होने के कारण आग बढ़ती गई। थोड़ी देर में दो गोदामों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग के साथ आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार बन गया। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जुट गई।
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नैनी में ट्रांसफार्मर के वर्कशाप में लगी भीषण आग।
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आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग लगातार बढ़ती जा रही थी। इसके बाद सिविल लाइंस, एनटीपीसी शंकरगढ़ व सीओडी छिवकी से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मंगाई गईं। पानी के साथ फॉग का छिड़काव कर उठती लपटों को शांत किया गया। इसके बाद भी स्क्रैप से धुएं के गुबार के साथ रह-रहकर आग की लपटें उठने लगती। यह देखकर जेसीबी मंगाई और और स्क्रैप को फैलाकर आग को काबू किया जाने लगा। पूरी तरह से आग को काबू पाने में 12 घंटे व फायर ब्रिगेड के 14 टैंकर लग गए।
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नैनी में ट्रांसफार्मर के वर्कशाप में लगी भीषण आग।
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देर शाम आग पर काबू पाया गया तो लोगों ने राहत की सांस ली। आग की सूचना पर फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के साथ एसडीएम करछना भी मौके पर पहुंचे। आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो सका। प्रथम दृष्टया आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगने की आशंका जताई जा रही है। अधिशासी अभियंता वर्कशॉप दिनेश सिंह ने बताया कि आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो सका। हो सकता है पीछे कालोनी में रह रहे लोगों द्वारा छोड़े गए पटाखे या शॉर्ट सर्किट से आग लगी हो। स्क्रैप में आग लगने से अधिक नुकसान नहीं हुआ है।
वर्कशॉप के पास रखा था ज्वलनशील तेल
वर्कशॉप के पास ही ट्रांसफार्मर में डाले जाने वाले ज्वलनशील तेल का ड्रम रखा था। यदि समय रहते आग की लपटों पर काबू नहीं पाया गया होता तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था। आग लगने के साथ धमाके भी शुरू हो गए, यह देखकर वहां मौजूद कर्मचारी दहशत में आ गए। स्क्रैप में तेल से डूबे कागज लिपटें होने के कारण आग बड़ी तेजी से बढ़ती गई। आग की लपटों को बढ़ता देख पीछे स्थित स्टोर से कर्मचारियों ने सामान हटा लिया था।