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जोड़ों पर वार कर रहा अज्ञात वायरस, चिकित्सक हैरान
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Mon, 09 Jan 2017 01:53 AM IST
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शहरियों पर एक नए वायरस ने हमला बोल दिया है। पिछले कुछ दिनों से जोड़ों के भयंकर दर्द से पीड़ित मरीज अस्पतालों व निजी चिकित्सालयों में पहुंच रहे हैं। चिकनगुनिया के मिलते-जुलते लक्षणों वाले इस रोग की लैब रिपोर्ट ने डॉक्टरों को चौंका दिया। रिपोर्ट में पाया गया कि रोग के लक्षण भले ही चिकनगुनिया जैसे रहे हों पर रिपोर्ट इस रोग की ताईद नहीं करती। डॉक्टर समझ नहीं पा रहे हैं कि शहर में कौन से नए वाइरस ने अटैक कर दिया है, जिससे लोग जोड़ों की परेशानी से जूझने लगे। शहर में ऐसी कोई लैब नहीं है, जिसमें वैज्ञानिक इसकी जांच कर सकें।
बारिश के मौसम में इस बार डेंगू और चिकनगुनिया ने हमला बोला तो ठंड में हड्डियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों के हड्डी रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में एक नए तरीके के रोग से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में कम उम्र वाले भी हैं। वायरल पीड़ित ऐसे सैकड़ों मरीजों की चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई लेकिन लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही मिले। इन मरीजों के जोड़ों में इस समय परेशानी बढ़ी है।
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कपिल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि ओपीडी में आ रहे जोड़ों के दर्द के कुल मरीजों में 20 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो पहली बार इसकी चपेट में हैं। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। ऐसे मरीजों के जोड़ों में दर्द भी चिकनगुनिया की तरह होने वाले दर्द जैसा है। डॉ. कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि ऐसे मरीजों को चिकनगुनिया नहीं हुआ था। लेकिन इन मरीजों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्हेें वायरल फीवर हुआ था। इस दौरान उनको घुटने, कंधों, कमर आदि में भयानक दर्द हुआ। दर्द से उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया। उनको यह तकलीफ दो सप्ताह से अधिक समय तक रही।
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. सचिन कहते हैं कि ओपीडी में जोड़ों के दर्द की शिकायत करने वाले बड़ी संख्या में नए मरीज हैं। उनसे पूछा गया तो बताया कि उन्हें वायरल फीवर हुआ था। उन्होंने चिकनगुनिया की जांच कराई थी लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। तकलीफ उन्हें चिकनगुनिया जैसी ही हुई।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. मनोज माथुर भी इस बात की पुष्टि करते हैं। उनका कहना है कि वायरल फीवर से जोड़ों में परेशानी की शिकायतें मरीज कर रहे हैं। हालांकि उनको चिकनगुनिया नहीं हुआ था। इससे यह बात सामने आ रही है कि वायरस ने अपना स्वरूप बदला है, जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।
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बारिश के मौसम में इस बार डेंगू और चिकनगुनिया ने हमला बोला तो ठंड में हड्डियों के मरीजों की संख्या बढ़ गई। शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों के हड्डी रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में एक नए तरीके के रोग से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। इन मरीजों में कम उम्र वाले भी हैं। वायरल पीड़ित ऐसे सैकड़ों मरीजों की चिकनगुनिया की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई लेकिन लक्षण चिकनगुनिया जैसे ही मिले। इन मरीजों के जोड़ों में इस समय परेशानी बढ़ी है।
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वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कपिल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि ओपीडी में आ रहे जोड़ों के दर्द के कुल मरीजों में 20 फीसदी ऐसे मरीज हैं जो पहली बार इसकी चपेट में हैं। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। ऐसे मरीजों के जोड़ों में दर्द भी चिकनगुनिया की तरह होने वाले दर्द जैसा है। डॉ. कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि ऐसे मरीजों को चिकनगुनिया नहीं हुआ था। लेकिन इन मरीजों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व उन्हेें वायरल फीवर हुआ था। इस दौरान उनको घुटने, कंधों, कमर आदि में भयानक दर्द हुआ। दर्द से उनका चलना-फिरना मुश्किल हो गया। उनको यह तकलीफ दो सप्ताह से अधिक समय तक रही।
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स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के आर्थोपेडिक विभाग के डॉ. सचिन कहते हैं कि ओपीडी में जोड़ों के दर्द की शिकायत करने वाले बड़ी संख्या में नए मरीज हैं। उनसे पूछा गया तो बताया कि उन्हें वायरल फीवर हुआ था। उन्होंने चिकनगुनिया की जांच कराई थी लेकिन रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। तकलीफ उन्हें चिकनगुनिया जैसी ही हुई।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. मनोज माथुर भी इस बात की पुष्टि करते हैं। उनका कहना है कि वायरल फीवर से जोड़ों में परेशानी की शिकायतें मरीज कर रहे हैं। हालांकि उनको चिकनगुनिया नहीं हुआ था। इससे यह बात सामने आ रही है कि वायरस ने अपना स्वरूप बदला है, जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।