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पिता के सामने यमुना में डूब गया युवक
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 21 Aug 2016 01:51 AM IST
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दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम के श्मशान घाट के पास घाघरा नदी द्वारा हो रही कटान।
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लालापुर (ब्यूरो)। यमुनापार के लालापुर इलाके में शनिवार दोपहर यमुना में नाव पलटने से पिता-पुत्र और नाविक समेत चार लोग गहरे पानी में गिर गए। नाविक दो लोगों को किसी तरह बाहर निकाल ले गया, लेकिन पिता के सामने एक युवक यमुना में समा गया। वह बहन की शादी के लिए खरीदारी करने गया था।
पचवर गांव निवासी मोहीज अहमद की बेटी का 15 रोज बाद ब्याह होना तय था। शादी की तैयारी के सिलसिले में वह शनिवार को पुत्र शफीक के साथ नाविक लालमन निषाद की नाव से मझियारी तरहार की तरफ रवाना हुआ। गांव का इसरार अहमद भी उस छोटी नाव पर बैठ गया। भभौर गांव के पास यमुना में नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाविक लालमन तो तैरना जानता था लेकिन इसरार, मोहीज, उसका पुत्र शफीक डूबने लगे। लालमन ने किसी तरह मोहीज और इसरार को बाहर खींचकर लाया, लेकिन शफीक को नहीं बचा सका। आसपास के ग्रामीण जुटे तो यमुना में शफीक की तलाश शुरू हुई। करीब घंटे भर बाद उसका शव मिला। खबर पाकर तहसीलदार बारा रामकुमार शुक्ला भी पहुंचे और मदद का भरोसा दिया।
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पचवर गांव निवासी मोहीज अहमद की बेटी का 15 रोज बाद ब्याह होना तय था। शादी की तैयारी के सिलसिले में वह शनिवार को पुत्र शफीक के साथ नाविक लालमन निषाद की नाव से मझियारी तरहार की तरफ रवाना हुआ। गांव का इसरार अहमद भी उस छोटी नाव पर बैठ गया। भभौर गांव के पास यमुना में नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाविक लालमन तो तैरना जानता था लेकिन इसरार, मोहीज, उसका पुत्र शफीक डूबने लगे। लालमन ने किसी तरह मोहीज और इसरार को बाहर खींचकर लाया, लेकिन शफीक को नहीं बचा सका। आसपास के ग्रामीण जुटे तो यमुना में शफीक की तलाश शुरू हुई। करीब घंटे भर बाद उसका शव मिला। खबर पाकर तहसीलदार बारा रामकुमार शुक्ला भी पहुंचे और मदद का भरोसा दिया।
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