{"_id":"6aad9e6a66c39ccbb5066e09","slug":"farmers-dreams-drowned-in-waterlogging-allahabad-news-c-417-1-nan1011-9601-2026-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: जलभराव में डूब गए किसानों के सपने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: जलभराव में डूब गए किसानों के सपने
Sat, 19 Sep 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 19 Sep 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
लालगोपालगंज के दुईजी का पूरा में खेतों में जलभराव
पिछले दिनों हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। क्षेत्र में नहर की सिल्ट सफाई न होने से गांवों के खेतों में जलभराव है। पखवाड़ेभर से पानी जमा रहने के कारण सैकड़ों बीघा धान की फसलें सड़कर बर्बाद हो गई हैं। इस जलभराव ने किसानों की मेहनत और उनके सपनों को डुबो दिया है।
लालगोपालगंज के निंदूरा ग्रामसभा और आसपास के गांवों में हालात बेहद खराब हैं। पलयें, करहिया, दुईजी का पूरा, अइलहवा, महरैया, सुखला का पूरा, मलंग की तकिया और इदिया का पूरा आदि गांवों के खेत आज भी पानी से भरे हैं।
पानी की निकासी न होने से फसलें गल चुकी हैं। भैयाराम, मुन्नालाल, तुलसीराम पटेल, नारायण, दयाराम, वीरेंद्र कुमार, सोनू, शिवलाल, किशोरी लाल, रामनरेश, सुनील कुमार और मोहम्मद असलम जैसे किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहर की सफाई नहीं हुई। इससे अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
विज्ञापन
धान की फसल से किसानों को बेटी की शादी और बैंक व साहूकारों का कर्ज चुकाने की उम्मीदें थीं। किसान राममूरत ने बताया कि दिन-रात मेहनत से रोपाई की थी, पर अब सब पानी में सड़ गया है। किसान रामसबद ने नहर विभाग की लापरवाही को इसका नतीजा बताया। समाजसेवी मोहम्मद आतिफ ने शासन-प्रशासन से नुकसान का सर्वेक्षण कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान चेतराम ने कहा कि फसल बर्बाद होने से बेटी के हाथ पीले कैसे होंगे, यह चिंता सता रही है।
विज्ञापन
लालगोपालगंज के निंदूरा ग्रामसभा और आसपास के गांवों में हालात बेहद खराब हैं। पलयें, करहिया, दुईजी का पूरा, अइलहवा, महरैया, सुखला का पूरा, मलंग की तकिया और इदिया का पूरा आदि गांवों के खेत आज भी पानी से भरे हैं।
विज्ञापन
पानी की निकासी न होने से फसलें गल चुकी हैं। भैयाराम, मुन्नालाल, तुलसीराम पटेल, नारायण, दयाराम, वीरेंद्र कुमार, सोनू, शिवलाल, किशोरी लाल, रामनरेश, सुनील कुमार और मोहम्मद असलम जैसे किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही से नहर की सफाई नहीं हुई। इससे अच्छी पैदावार की आस लगाए बैठे किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट आ गया है।
विज्ञापन
धान की फसल से किसानों को बेटी की शादी और बैंक व साहूकारों का कर्ज चुकाने की उम्मीदें थीं। किसान राममूरत ने बताया कि दिन-रात मेहनत से रोपाई की थी, पर अब सब पानी में सड़ गया है। किसान रामसबद ने नहर विभाग की लापरवाही को इसका नतीजा बताया। समाजसेवी मोहम्मद आतिफ ने शासन-प्रशासन से नुकसान का सर्वेक्षण कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। किसान चेतराम ने कहा कि फसल बर्बाद होने से बेटी के हाथ पीले कैसे होंगे, यह चिंता सता रही है।