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बैंक मैनेजर पर एसिड अटैक मामला : फर्जी लोन की फाइलों पर रोक लगी तो रंजिश रखने लगा मास्टर माइंड

Wed, 17 Aug 2022 07:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 17 Aug 2022 07:54 PM IST
सार

शाखा प्रबंधक दीक्षा सोनकर साल भर पहले ही सैयद सरावां में तैनात र्हुइं थीं। इससे पहले वह सरायअकिल व प्रयागराज के मुंडेरा में मैनेजर थीं। दीक्षा ने तैनाती के बाद बैंक में दलालों का प्रवेश वर्जित कर दिया।

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fake loan files were stopped then the master mind started enmity
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

बैंक मैनेजर दीक्षा सोनकर पर हुए एसिड अटैक की वारदात ने बैंकों में फर्जी लोन पास कराने वाले गिरोह की कलई खोल दी है। कुछ बैंक कर्मी भी ऐसे गिरोह के संपर्क में थे। दीक्षा ने फर्जी लोन पास कराने वाले गिरोह की मुखालफत की, जिसका नतीजा रहा कि उनको डराने के लिए एसिड से हमला कराया गया। 

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शाखा प्रबंधक दीक्षा सोनकर साल भर पहले ही सैयद सरावां में तैनात र्हुइं थीं। इससे पहले वह सरायअकिल व प्रयागराज के मुंडेरा में मैनेजर थीं। दीक्षा ने तैनाती के बाद बैंक में दलालों का प्रवेश वर्जित कर दिया। प्रबंधक ने ऐसे फाइलों पर भी रोक लगा दी जो बिना कोरम पूरा किए पास हो रहीं थीं। इसके बाद दीक्षा फर्जी लोन पास कराने वाले गिरोह के मास्टर माइंड के निशाने पर आ गईं। इस गिरोह के संपर्क में बैंक के कुछ कर्मचारी भी थे।
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पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों ने भी स्वीकार किया कि फर्जी तरीके से लोन पास कराने वाले एक मास्टर माइंड ने उन्हें हमला करने को कहा था। यह भी कहा था कि वह उनका लोन पास करा देगा और कुछ रुपये भी दिए गए। मकसद मैनेजर की जान लेना नहीं था बल्कि सिर्फ डराना था। जिससे वह अपना कहीं और तबादला करा लें। दीक्षा के मामा सुधीर सोनकर बताते हैं कि भांजी का कभी किसी से विवाद नहीं हुआ था। अक्सर ग्राहक या कर्मियों से झड़प होती थी, लेकिन हमले जैसी आशंका उसने कभी जाहिर नहीं की।

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मंदर से ही हमलावर कर रहे थे पीछा
एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि वारदात के बाद उन्होंने चिल्ला शहबाजी से लेकर मैनेजर के घर तक रास्ते में लगे 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इनमें मंदर गांव के समीप से अपाचे सवार बदमाश मैनेजर की स्कूटी का पीछा करते दिखे। बदमाशों ने घटना में जिस बाइक का प्रयोग किया था वह दिलीप के जीजा की थी। बदमाशों के पास से वही बाइक बरामद हुई है। इसके अलावा घटना के खुलासे में सर्विलांस ने भी अहम भूमिका निभाई। तमाम नंबरों को रडार में लेने के बाद पुलिस हमलावरों तक पहुंच सकी।


अब तक नहीं मिल सका मैनेजर का मोबाइल
घटना बाद मैनेजर का मोबाइल किसी ने पार कर दिया था। यह मोबाइल अब तक स्वीच ऑफ है। पुलिस ने सर्विलांस की भी मदद ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस मोबाइल के ऑन होने का इंतजार कर रही है। 

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