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UPESSC : एआई से पकड़े जाएंगे फर्जी परीक्षार्थी, थंब इंप्रेशन और आइरिस कैप्चरिंग से की जाएगी पहचान

Mon, 14 Apr 2025 03:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 14 Apr 2025 03:41 PM IST
सार

थंब इंप्रेशन व आइरिस कैप्चरिंग से भी परीक्षार्थियों की पहचान की जाएगी। राज्य शैक्षिक विज्ञान संस्थान (सीमैट) परिसर में रविवार को आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की अध्यक्षता में छह मंडलों में नामित त्रिस्तरीय विशेष प्रेक्षकों व पर्यवेक्षकों की बैठक में यह जानकारी दी गई।

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Fake candidates will be caught by AI, will be identified by thumb impression and iris capturing
UPESSC - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश के छह जिलों में 16 व 17 अप्रैल को प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में नकल पर रोक व फर्जी परीक्षार्थियों की पहचान के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद लेगा। थंब इंप्रेशन व आइरिस कैप्चरिंग से भी परीक्षार्थियों की पहचान की जाएगी। राज्य शैक्षिक विज्ञान संस्थान (सीमैट) परिसर में रविवार को आयोग की अध्यक्ष प्रो. कीर्ति पांडेय की अध्यक्षता में छह मंडलों में नामित त्रिस्तरीय विशेष प्रेक्षकों व पर्यवेक्षकों की बैठक में यह जानकारी दी गई। सचिव मनोज कुमार व परीक्षा नियंत्रक देवेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्रों पर कड़ाई से परीक्षा संपन्न कराने के निर्देश दिए और पर्यवेक्षकों को उनके दायित्वों से अवगत कराया।

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उन्होंने बताया कि 19 जून 2024 को लागू व्यवस्था के अनुसार केंद्रों पर समस्त अभ्यर्थियों का थंब इम्प्रेशन व आइरिस कैप्चर (आंख की पुतली से पहचान) करते हुए एआई का उपयोग कर परीक्षा के दौरान प्रत्येक स्तर पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान व पुष्टि किए जाने का निर्णय आयोग ने लिया है। परीक्षा को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने की आशंका व ऐसे तत्वों को चिह्नित करने के लिए एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है। 

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बैठक में बताया गया कि अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना या कराना, प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण करना या उसका अनाधिकृत रूप से खुलासा करना या इस कार्य में षड्यंत्र करना अपराध की श्रेणी में आता है, जो उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत दंडनीय है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर अधिकतम एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना व आजीवन कारावास या दोनों ही सजा हो सकती है। आयोग के लिए इस परीक्षा का सफल आयोजन बड़ी चुनौती होगी। अपने गठन के बाद आयोग पहली पर कोई परीक्षा कराने जा रहा है। बैठक का संचालन आयोग उपसचिव डॉ. शिवजी मालवीय ने किया। इस मौके पर आयोग के सभी सदस्य, अफसर व कर्मचारी मौजूद रहे।

आयोग ने जारी किए अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र रविवार को जारी कर दिए, जो आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। अशासकीय महाविद्यालयों में 33 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा 16 व 17 अप्रैल को दो पालियों में सुबह 9:30 से 11:30 बजे और अपराह्न 2:30 से 4:30 बजे तक प्रयागराज समेत आगरा, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी के विभिन्न केंद्रों पर होगी। परीक्षा के लिए तकरीबन 85 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।

डॉ. विकास सिंह बने आयोग के उपसचिव

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में प्रवक्ता डॉ. विकास सिंह को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का उप सचिव नियुक्त किया गया है। आयोग में उप सचिव के चार पद हैं। डॉ. विकास सिंह की नियुक्ति से पहले केवल एक उप सचिव डॉ. शिवजी मालवीय की तैनाती थी। अब दो उप सचिव हाे जाएंगे लेकिन दो पद अब भी रिक्त हैं। डॉ. विकास को तीन साल के लिए इस पद पर तैनात किया गया है।

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