{"_id":"5ffde5f08ebc3e32a573029a","slug":"fair-of-saints-and-devotees-decorated-on-sangam-sand-makar-sankranti-tomorrow","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"संगम की रेती पर सजा संतों-भक्तों का मेला, मकर संक्रांति कल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगम की रेती पर सजा संतों-भक्तों का मेला, मकर संक्रांति कल
Tue, 12 Jan 2021 11:40 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 12 Jan 2021 11:40 PM IST
विज्ञापन
magh mela
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगम की रेती पर संतों-भक्तों केसमागम के रूप में माघ मेले का आगाज कल मकर संक्रांति पर प्रथम स्नान पर्व के साथ होगी। इसके लिए मंगलवार की शाम तैयारियां पूरी कर ली गईं। पांच सेक्टर में बसे मेले में संगम समेत गंगा के छह घाटों पर मकर संक्रांति पर पुण्य की डुबकी लगेगी। इसके साथ ही प्रथम स्नान पर्व पर कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन को लेकर मेला प्रशासन को अग्नि परीक्षा से होकर गुजरना होगा। इस मकर संक्रांति पर संगम स्नान के लिए आस्था का रेला उमड़ने का अनुमान है।
विज्ञापन
magh mela
- फोटो : prayagraj
गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम तट पर 650 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बसे माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पर कोविड प्रोटोकाल के पालन के साथ भीड़ प्रबंधन मेला प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। भीड़ के अनुमान को लेकर मंगलवार की शाम आपदा प्रबंधन को लेकर अफसरों ने गहन मंथन किया। संगम आने वाले संतों-भक्तों और कल्पवासियों को को जीटी जवाहर चौराहे से प्रवेश मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु काली सड़क से काली पांटून पुल होते हुए संगम अपर मार्ग से होकर त्रिवेणी संगम तक पहुंचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
magh mela
- फोटो : prayagraj
संगम क्षेत्र से वापसी के लिए अक्षयवट मार्ग और त्रिवेणी चौराहे से होते हुए परेड होकर श्रद्धालु निकलेंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 500 अधिक बसों की व्यवस्था की गई है।
magh mela
- फोटो : prayagraj
इस बार लगभग 2800 बसों का संचालन मुख्य स्नान पर्व पर और 1800 बसों को सामान्य दिनों में चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त लगभग 500 बसों को रिजर्व में रखा जा रहा है। स्नान के लिए छह घाट बनाए गए हैं। इसमें सेक्टर एक में संगम पर सबसे बड़ा एक किमी लंबा स्नान घाट बनाया गया है।
magh mela
- फोटो : prayagraj
कोखराज-मूरतगंज से होकर सिविल लाइंस आएंगी बसें
प्रयागराज। फाफामऊ में पुल क्षतिग्रस्त होने की वजह से रूट बंद होने के कारण लखनऊ एवं फैजाबाद मार्ग की बसों को सामान्य दिनों में झूंसी से लाया जाएगा। इसी तरह मुख्य स्नान पर्वों पर बसें कोखराज-मूरतगंज होकर सिविल लाइंस तक आएंगी। मुख्य स्नान पर्वों पर दो अस्थाई बस अड्डे झूंसी एवं लेप्रोसी चौराहे पर बनाए जाएंगे। इस मौके पर आईजी कवींद्र प्रताप सिंह, एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक माघ मेला राजीव नारायण मिश्रा, एडीएम सिटी अशोक कन्नौजिया,सिटी मजिस्ट्रेट रजनीश मिश्र, प्रभारी अधिकारी मेला विवेक चतुर्वेदी उपस्थित थे।
magh mela
- फोटो : prayagraj
प्रयाग घाट समेत दो रेलवे स्टेशन रहेंगे बंद
मेला क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन के लिए प्रयाग घाट, प्रयागराज संगम रेलवे स्टेशनों को मुख्य स्नान पर्वों पर बंद रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्य स्नान पर्वों पर शहर में भीड़ के नियंत्रण के लिए प्रयागराज जंक्शन के सिविल लाइंस साइड से सिर्फ निकासी का मार्ग दिया जाएगा।
magh mela
- फोटो : prayagraj
मेला क्षेत्र में आज रात से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
प्रयागराज। बुधवार की रात से माघ मेला क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। एसपी मेला राजीव नारायण मिश्रा ने बताया रात एक बजे से 15 जनवरी तक संगम क्षेत्र में प्रशासनिक, चिकित्सीय वाहनों के अलावा सभी प्रकार के वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्लॉट नंबर- 17, पांटून पुल वर्कशॉप के पास, गल्ला मंडी दारागंज, हेलीपैड स्थल, काली सड़क पर यातायात पुलिस लाइन के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
magh mela
- फोटो : prayagraj
आपात स्थिति से निबटने के लिए 24 घंटे तैयार रहें अफसर: डीएम
ट्रिपलआईसी सभागार में माघ मेले केप्रथम स्नान पर्व की तैयारी की समीक्षा के दौरान डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने अफसरों को आपात स्थिति से निबटने के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति से लड़ने के लिए कंट्रोल रूम में हर विभाग के अधिकारी 24घंटे मौजूद रहेंगे। इससे अंतर विभागीय समन्वय बनाना आसान होगा।
magh mela
- फोटो : prayagraj
-650 हेक्टेयर में संगम की रेती पर बसा है माघ मेला
-5000 सुरक्षा कर्मी करेंगे मेला क्षेत्र में हर चप्पे-चप्पे की निगरानी
-100 सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी संगम समेत पूरे मेला क्षेत्र पर नजर
-06 स्नान घाटों पर संत-भक्त लगाएंगे पुण्य की डुबकी
-05स्थानों पर बनाई गई वाहन पार्किंग
-5000 सुरक्षा कर्मी करेंगे मेला क्षेत्र में हर चप्पे-चप्पे की निगरानी
-100 सीसीटीवी कैमरों से रखी जाएगी संगम समेत पूरे मेला क्षेत्र पर नजर
-06 स्नान घाटों पर संत-भक्त लगाएंगे पुण्य की डुबकी
-05स्थानों पर बनाई गई वाहन पार्किंग