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High Court : क्रियायोग के भूमि आवंटन पर मेला प्राधिकरण ले फैसला, संभव हो तो उसकी पसंद के करीब दी जाए जमीन
Sat, 21 Dec 2024 01:28 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 21 Dec 2024 01:28 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी शराफ व न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने योग सत्संग समिति के महानिदेशक की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची संस्था को कुंभ के दौरान मुक्ति मार्ग पर जमीन मिलती रही है। 2019 में जमीन आवंटन के दौरान मेला प्रशासन ने जगह बदल दी।
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योगी सत्यम।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाकुंभ मेले में जमीन के आवंटन के संबंध में क्रियायोग संस्थान की संस्था योग सत्संग समिति के आवेदन पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण को सात दिन के अंदर फैसला लेने का निर्देश दिया है। कहा है कि अधिकारी यह ध्यान रखेंगे कि उक्त संस्था लंबे समय से इस परंपरा का हिस्सा रही है। संभव हो तो उसकी पसंद के करीब जमीन दी जाए।
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यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी शराफ व न्यायमूर्ति नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने योग सत्संग समिति के महानिदेशक की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची संस्था को कुंभ के दौरान मुक्ति मार्ग पर जमीन मिलती रही है। 2019 में जमीन आवंटन के दौरान मेला प्रशासन ने जगह बदल दी। इस बार मेले में याची को मेला प्रशासन ने संगम से 10 किमी दूर सेक्टर-12 में जमीन आवंटित की गई। इसे याची संस्था ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता को मेले के दौरान त्रिवेणी मार्ग और मुक्ति मार्ग के जंक्शन पर भूमि आवंटित की जाती रही है। ऐसे में इस बार भी वहीं भूमि आवंटित की जानी चाहिए।
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प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अधिवक्ता ने दलील दी कि याचिकाकर्ता की ओर से जिस विशेष स्थान की मांग की जा रही है, वह शंकराचार्यों, अखाड़ों और महामंडलेश्वरों को आवंटित की जा चुकी है या प्रक्रिया में है। ऐसे में आवंटन में बदलाव करना पड़ेगा। वहीं, कोर्ट ने कहा कि कोई भी विशेष संगठन किसी विशेष भूमि को आवंटित करने का दावा केवल इसलिए नहीं कर सकता कि उक्त भूमि उसे पिछले वर्षों में आवंटित की गई थी। मेले का दायरा हर साल बढ़ता जा रहा है।
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