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महिला आयोग का बहाना, हांगलू को था निपटाना

Fri, 03 Jan 2020 01:39 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:39 AM IST
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Excuse of women commission, hanglu had to settle
Excuse of women commission, hanglu had to settle - फोटो : CITY DESK
महिला आयोग का बहाना, हांगलू को था निपटाना
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0 आयोग ने की थी कुलपति के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश
0 कई जांच टीमें आईं और गईं, पर इस बार किसी ने नहीं दिया साथ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। वैसे तो कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू अपनी नियुक्ति के समय से ही विवादों से घिर गए थे लेकिन पिछले दिनों कुलपति का मामला राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया और आयोग अचानक सक्रिय हो गया। कुलपति के खिलाफ मिलीं शिकायतों के आधार पर आयोग ने उन्हें सम्मन जारी कर दिया और पूछताछ में उनके जवाब से संतुष्ट न होने पर प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर कुलपति के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिफारिश भेज दी। चर्चा है कि कुलपति के खिलाफ कार्रवाई के लिए ऐसी ही किसी सिफारिश का इंतजार किया जा रहा था। इस बार मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि कुलपति के समर्थन में उनके पीछे खड़े लोगों ने भी अपने हाथ खींच लिए और कुलपति को इस्तीफा देना पड़ा।
चार साल के कार्यकाल के दौरान कुलपति पर लगातार अनियमितता के आरोप लगते रहे। कभी महिला साहित्यकार से अमर्यादित बातचीत के कथित ऑडियो को लेकर चर्चा में रहे तो कभी शिक्षक भर्ती में धांधली के आरोपों में घिर गए। इस दौरान मंत्रालय की ओर से तीन बाद अलग-अलग जांच टीमें भेजी गईं। गौतम देसी राजू की अध्यक्षता में आई कमेटी ने कुलपति की कार्य प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। यहां तक कि कमेटी ने उनकी नेतृत्व क्षमता पर ही सवाल उठा दिया।
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हर बार जांच के बाद कुलपति पर कार्रवाई की तलवार मंडराती नजर आई लेकिन समर्थन में पीछे खड़े लोगों ने मामले को जैसे-तैसे संभाल लिया। कुलपति के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजी गई फाइल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय में छह माह तक अटकी रही। सबकुछ ठीक चल रहा था कि अचानक सपा नेता ऋचा सिंह और ठेकेदार के बीच हुई विवादित बातचीत का कथित ऑडियो सामने आ गया। सपा नेता ऋचा सिंह ने राष्ट्रीय महिला आयोग से महिला हॉस्टल में छात्राओं के उत्पीड़न से संबंधित दर्ज करा दी और आयोग ने भी इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल एक टीम 10 दिसंबर को इविवि के महिला हॉस्टल में निरीक्षण के लिए भेज दी। आयोग की इस अप्रत्याशित सक्रियता के राजनीतिक निहितार्थ भी निकाले जा रहे हैं।
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इस दौरान इविवि में महिला उत्पीड़न के तमाम पुराने मामले फिर सामने आ गए और निरीक्षण करने पहुंची आयोग की टीम के समक्ष एक-एक कर सभी शिकायतें दर्ज कराई गईं। जांच टीम ने तत्काल एक रिपोर्ट तैयार की और महिला आयोग को सौंप दी। आयोग ने कुलपति को सम्मान जारी कर दिया। कुलपति प्रो. हांगलू 27 दिसंबर को आयोग अध्यक्ष के समक्ष उपस्थित हुए और अपना पक्ष रखा। उसी दिन आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ‘अमर उजाला’ को बताया था कि आयोग कुलपति के जवाब से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को सिफारिश भेजने की बात की थी।
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