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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Example of humanity: On the death anniversary of the father, the young man made the poor Muslim father travel

मिसाल: पिता के सपनों को पूरा करने में जुटे पंकज रिजवानी, गरीब टेंपो चालक को करवाया हवाई जहाज का सफर

Wed, 05 Jul 2023 05:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 05 Jul 2023 05:16 PM IST
सार

प्रयागराज के रहने वाले पंकज रिजवानी ने अपने पिता की दूसरी बरसी पर एक अनजान मुस्लिम परिवार के पिता को अपने खर्चे से हवाई यात्रा करवाई है। प्रयागराज से मुंबई और मुंबई से प्रयागराज तक हवाई यात्रा का टिकट दिया, साथ ही हाजी अली दरगाह में जाकर चादर चढ़ाने के लिए चादर भी दिया।

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Example of humanity: On the death anniversary of the father, the young man made the poor Muslim father travel
Prayagraj News : टेंपो चालक सज्जन अली को हवाई जहाज का टिकट देते समाजसेवी पंकज रिजवानी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा-जमुनी तहजीब वाले जिला प्रयागराज ने एक बार फिर समाज को ऐसा संदेश दिया है, जिससे लोगों को एक बड़ी प्रेरणा मिलेगी। प्रयागराज के एक बेटे ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर एक गरीब मुस्लिम परिवार के पिता को हवाई यात्रा का टिकट दिया। साथ ही हाजी अली दरगाह में चादर चढ़ाने के लिए चादर भी भेंट की। सुनने में यह कुछ अलग से लग रहा हो, लेकिन यह हकीकत है।

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प्रयागराज के रहने वाले पंकज रिजवानी ने अपने पिता की दूसरी बरसी पर एक अनजान मुस्लिम परिवार के पिता को अपने खर्चे से हवाई यात्रा करवाई है। प्रयागराज से मुंबई और मुंबई से प्रयागराज हवाई यात्रा का टिकट दिया साथ ही हाजी अली दरगाह में जाकर चादर चढ़ाने के लिए चादर भी दिया। पंकज रिजवानी का कहना है कि 30 जून 2021 के दिन उनके पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी, जिसका गम वह आज तक नहीं भुला पाए हैं।
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उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी भी हवाई यात्रा का सफर नहीं किया था, लेकिन उनकी इच्छा थी कि वह एक बार हवाई यात्रा का सफर जरूर करें। पिता की अचानक मृत्यु होने पर पंकज काफी महीनों तक परेशान रहे। उनकी हर एक बातें उनके ज़ेहन में घूमती रहती थीं। इसी कड़ी में पंकज ने अपने पिता की दूसरी बरसी पर फैसला लिया कि पिताजी हमेशा गरीबों के लिए हित की बातें करते थे, गरीबों की मदद किया करते थे। साथ ही साथ उनके लिए अधिक परेशान रहते थे, जिनके परिवार परेशानियों के दौर से गुजरते थे।

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Prayagraj News : टेंपो चालक सज्जन अली को हवाई जहाज का टिकट देते समाजसेवी पंकज रिजवानी। - फोटो : अमर उजाला।

छह बच्चों के पिता सज्जन अली चलाते हैं टेंपो
इसी क्रम में पंकज रिजवानी एक ऐसे परिवार की खोज करने में लग गए जो परिवार असक्षम हो साथ ही वह भी एक पिता हो और उसका भी सपना रहा हो कि वह भी कभी हवाई यात्रा करें। काफी ढूंढने के बाद पंकज ने बताया कि उनको सज्जन अली नाम के शख्स का पता लगा जो एक कमरे के मकान में प्रयागराज से लगभग 25 किलोमीटर दूर एक गांव में रहते हैं। सज्जन अली के छह बच्चे हैं और मूलतः टेंपो चालक हैं।

थोड़ी सी कमाई से वह अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। जब पंकज रिजवानी उनके घर पहुंचे तो उनको लगा शायद कोई मजाक कर रहा है। सज्जन अली के परिवार को इस बात का इलम ही नहीं था कि कोई अनजान शख्स उनकी इस तरह मदद करेगा, लेकिन जब सज्जन अली को टिकट की सूचना मिली तब उनके परिवार में खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। पंकज रिजवानी ने रास्ते को यादगार बनाने के लिए एक एंड्रॉयड फोन भी दिया जिससे वह अपनी फोटो और वीडियो बना सके।

Example of humanity: On the death anniversary of the father, the young man made the poor Muslim father travel
अपने परिवार के साथ सज्जन अली। - फोटो : अमर उजाला।

हवाई चप्पल पहनकर पहली बार हवाई यात्रा करेंगे सज्जन अली
पंकज जब सज्जन अली को लेने घर पहुंचे तब सज्जन अली का पूरा परिवार और गांव के लोग इकट्ठा हो गए। पैर में चप्पल पहने सज्जन अली हवाई जहाज में पहली बार चढ़ने के लिए तैयार हो रहा था। गांव के लोगों ने गले मिलकर के सज्जन को बधाई दी तो वही घर के लोगों ने भी नम आंखों से सज्जन को रुखसत किया। सज्जन की पत्नी शबनम का कहना है कि पंकज की जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है।

बिना जान पहचान के उन्होंने इतना बड़ा काम किया है, जिसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी। सभी लोग उनके पिता को नमन कर रहे हैं और काफी एहसान मान रही है। परिवार और गांव वालों से विदा लेने के बाद सज्जन अपने गांव से एयरपोर्ट तक कार से गए और एयरपोर्ट पहुंचने के बाद सज्जन की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सर में टोपी और पैर में चप्पल डाले सज्जन पंकज रिजवानी के साथ अपनी पहली हवाई यात्रा के लिए निकल पड़े।

सज्जन में अपने पिता की छवि देख रहे पंकज
आपको बता दें कि पंकज रिजवानी के पिता सेवक रामजी का देहांत 30 जून 2021 में हो गया था। पंकज का कहना है कि आज एक पिता हवाई सफर पर जा रहा है और उस पिता के अंदर वह अपने पिता की भी छवि देख रहे हैं।  सज्जन का चुनाव इसलिए किया, क्योंकि सज्जन अली एक कमरे के घर में पूरे परिवार को पाल भी रहे है। सज्जन गरीबी के मतलब को भी समझ रहा है और उसका पूरा हक है कि वह हवाई यात्रा करें।

उधर सज्जन अली का कहना है कि वह इस पल को अपने बेहतरीन दिन मान रहे हैं । वह काफी भावुक हैं आज तक उसने हवाई जहाज को सड़क पर खड़े होकर के आसमान की तरफ से ही देखा था लेकिन पहली बार हवाई यात्रा का सफर करना उसके लिए सुखद एहसास है और हाजी अली की दरगाह में चादर चढ़ाना उससे भी बड़ी बात है। सज्जन ने बताया कि उन्होंने कभी भी नहीं सोचा था कि वह मुंबई भी जाएंगे क्योंकि जिस गरीबी से उनका परिवार पल रहा है उससे वह कभी भी मुंबई नहीं जा सकते थे । 

18 साल से सेवा कर रहे हैं पंकज, पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ
बता दें कि सिंधी परिवार से ताल्लुक रखने वाले पंकज रिजवानी बीते 18 सालों से समाज सेवा कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मौजूदा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व राज्यपाल राम नाईक के साथ-साथ 35 से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने उनको सम्मानित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पंकज के द्वारा किए गए कार्यों को देखते हुए फोन के माध्यम से उनको बधाई दी थी। पंकज रिजवानी को रियल बजरंगी भाईजान का दर्जा भी दिया गया है। अब पंकज रिजवानी का सपना है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलकर आशीर्वाद ले और मानव सेवा के लिए देश हित का कार्य करें।
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