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यूजीसी के सुझावों पर परीक्षा समिति लेगी निर्णय
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परीक्षाओं के आयोजन एवं एकेडमिक कैलेंडर को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से गाइडलाइन जारी किए जाने के बाद इविवि की परीक्षा समिति की बैठक चार मई को बुला ली गई है। इसमें परीक्षा समिति यूजीसी की गाइडलाइन पर चर्चा करेगी और परीक्षाओं को लेकर जो सुझाव दिए गए हैं, उन पर निर्णय भी लेगी। साथ ही परीक्षा के प्रारूप समेत कुछ अन्य महत्वपूर्ण बदलावों पर भी निर्णय लिए जा सकते हैं।
यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन में सुझाव दिए गए हैं कि परीक्षा में ज्यादातर सवाल बहुविकल्पीय पूछे जाएं। परीक्षाओं का आयोजन ओएमआर आधारित भी हो सकता है। इसके साथ ही पेपर में सवालों की संख्या घटाए जाने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही परीक्षा का समय से तीन से घटाकर दो घंटे किए जाने की बात भी की गई है। साथ ही परीक्षा दो से अधिक शिफ्ट में कराई जा सकती है। यूजीसी की गाइडलाइन में यह सुझाव भी दिया गया है कि आंतरिक मूल्यांकन के अंक बढ़ाकर 50 फीसदी तक किए जा सकते हैं।
अगर इन सुझावों पर काम होता है तो मूल्यांकन कार्य में भी कम समय लगेगा और सत्र को समय से शुरू करने में सहूलियत होगी। हालांकि, यूजीसीस ने पुराने छात्रों के अगस्त और नए छात्रों के लिए सितंबर से सत्र शुरू करने का सुझाव दिया है। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन और सुझावों पर निर्णय लेने के लिए चार मई को दोपहर एक बजे परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार पुराने छात्रों के लिए अगस्त और नए छात्रों के लिए सितंबर से सत्र की शुरुआत होगी। इसी को ध्यान में रखने हुए और यूजीसी के सुझावों पर चर्चा के बाद वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे।
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यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन में सुझाव दिए गए हैं कि परीक्षा में ज्यादातर सवाल बहुविकल्पीय पूछे जाएं। परीक्षाओं का आयोजन ओएमआर आधारित भी हो सकता है। इसके साथ ही पेपर में सवालों की संख्या घटाए जाने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही परीक्षा का समय से तीन से घटाकर दो घंटे किए जाने की बात भी की गई है। साथ ही परीक्षा दो से अधिक शिफ्ट में कराई जा सकती है। यूजीसी की गाइडलाइन में यह सुझाव भी दिया गया है कि आंतरिक मूल्यांकन के अंक बढ़ाकर 50 फीसदी तक किए जा सकते हैं।
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अगर इन सुझावों पर काम होता है तो मूल्यांकन कार्य में भी कम समय लगेगा और सत्र को समय से शुरू करने में सहूलियत होगी। हालांकि, यूजीसीस ने पुराने छात्रों के अगस्त और नए छात्रों के लिए सितंबर से सत्र शुरू करने का सुझाव दिया है। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यूजीसी की ओर से जारी गाइडलाइन और सुझावों पर निर्णय लेने के लिए चार मई को दोपहर एक बजे परीक्षा समिति की बैठक बुलाई गई है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार पुराने छात्रों के लिए अगस्त और नए छात्रों के लिए सितंबर से सत्र की शुरुआत होगी। इसी को ध्यान में रखने हुए और यूजीसी के सुझावों पर चर्चा के बाद वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे।
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