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24 घंटे बाद भी अस्पताल मेें मासूम, नहीं आए परिजन, बस में छोड़कर उतर गए थे मां-बाप
Mon, 01 Feb 2021 01:24 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 01 Feb 2021 01:24 AM IST
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prayagraj news : सिविल लाइंस रोडवेड पर जनरथ बस में लावारिस मिली बच्ची।
- फोटो : prayagraj
लावारिस हाल में रोडवेज बस के भीतर छोड़े गए 10 दिन का मासूम 24 घंटे बाद भी अस्पताल में ही है। उसके अस्पताल में होने के बावजूद परिजन उसे देखने नहीं आए। चाइल्ड लाइन पदाधिकारियों का कहना है कि पांच दिन बाद उसे मजिस्ट्रेट की अनुमति से शिशु गृह में शिफ्ट किया जाएगा।
मासूम शुक्रवार रात सिविल लाइंस स्थित रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी एसी बस में लावारिस हाल में मिला था। किदवई नगर डिपो की जनरथ एसी बस में रात दो बजे के करीब एक महिला व पुरुष उसे छोड़कर चले गए थे। सूचना पर पहुंचे चाइल्ड लाइन अफसरों ने उसे चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने बताया है कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है।
फिलहाल उसे रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में रखा गया है। हालांकि 24 घंटे बाद भी परिजन उसे मिलने नहीं आए। चाइल्ड लाइन पदाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पांच दिनों तक उदसे रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में ही रखा जाएगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट की अनुमति से उसे शिशु गृह भेजा जाएगा। बच्चे के संबंध में उचित माध्यमों से सूचना भी प्रसारित कराई जाएगी। 90 दिन बाद भी परिजनों का पता नहीं चलता है तो नियमानुसार उसके अडॉप्शन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मासूम शुक्रवार रात सिविल लाइंस स्थित रोडवेज बस अड्डे पर खड़ी एसी बस में लावारिस हाल में मिला था। किदवई नगर डिपो की जनरथ एसी बस में रात दो बजे के करीब एक महिला व पुरुष उसे छोड़कर चले गए थे। सूचना पर पहुंचे चाइल्ड लाइन अफसरों ने उसे चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने बताया है कि बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है।
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फिलहाल उसे रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में रखा गया है। हालांकि 24 घंटे बाद भी परिजन उसे मिलने नहीं आए। चाइल्ड लाइन पदाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पांच दिनों तक उदसे रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल में ही रखा जाएगा। इसके बाद मजिस्ट्रेट की अनुमति से उसे शिशु गृह भेजा जाएगा। बच्चे के संबंध में उचित माध्यमों से सूचना भी प्रसारित कराई जाएगी। 90 दिन बाद भी परिजनों का पता नहीं चलता है तो नियमानुसार उसके अडॉप्शन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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