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22 साल बाद भी आदेश का पालन न होने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

Mon, 19 Jul 2021 10:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 19 Jul 2021 10:22 PM IST
सार

  • आजाद पार्क से अतिक्रमण हटाने का मामला 00
  • 1999 से 2006 तक के रिकॉर्ड गायब, अब नौ अगस्त को होगी अगली सुनवाई

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Even after 22 years, the High Court sought answer for non-compliance of the order
prayagraj news : चंद्रशेखर आजाद पार्क। - फोटो : prayagraj

विस्तार

चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनी बाग) में बनी मजारों और अन्य अतिक्रमण हटाने के मामले में 1999 में हुए आदेश का अब तक पालन न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने उपरोक्त आदेश और सुप्रीमकोर्ट द्वारा पारित आदेश की प्रति भी अगली सुनवाई पर पेश करने का निर्देश दिया है।
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जितेंद्र सिंह बिसेन और अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की पीठ को बताया गया कि 1999 में दाखिल एक जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट ने विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वर्ष 2014 में भी इसी मामले पर दाखिल एक और याचिका पर भी हाईकोर्ट ने अतिक्रमण ध्वस्त करने का आदेश दिया था। इन दोनों आदेशों का आज तक पालन नहीं किया गया।
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अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि आजाद पार्क से संबंधित 1996 से लेकर 2006 तक रिकार्ड उद्यान विभाग से गायब है। इसे तलाश करने के गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने दो सप्ताह का और समय दिए जाने की मांग की। जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई की तिथि नौ अगस्त नियत की है। इस तारीख पर 2014 और 1999 के आदेशों के प्रति और रिकार्ड भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
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याचिका में कहा गया है कि आजाद पार्क में बहुत से नकली मजारें और अन्य निर्माण करके कब्जा किया गया है। जिसके संबंध में जिला प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इसे लेकर पहले भी याचिका दाखिल हुई थी, जिसमें कोर्ट ने आदेश पारित कर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था।
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