{"_id":"5ce3089abdec2207490a01dc","slug":"estimates-of-meteorologists-hurry-up","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम विज्ञानियों का अनुमान. जल्द पड़ेंगी फुहारें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम विज्ञानियों का अनुमान. जल्द पड़ेंगी फुहारें
Tue, 21 May 2019 01:35 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 21 May 2019 01:35 AM IST
विज्ञापन
Mansoon
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमवार को दिन में एक बार फिर आसमान से आग बरसती रही। सूखी गर्मी से लोग परेशान रहे। प्रदेश में प्रयागराज सबसे अधिक तापमान वाला जिला बना रहा। वहीं इस रिकार्डतोड़ गर्मी से इस सप्ताह के अंत तक हल्की राहत के आसार हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के चक्रवाती प्रभाव से धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। प्री मानसून की यह बारिश गर्मी से स्थायी राहत नहीं दिलाएगी।
मई महीने में बीते मंगलवार से बृहस्पतिवार तक प्रयागराज सूबे में सबसे अधिक तपन वाला बना रहा। रविवार को अधितकम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस से करीब दो डिग्री छलांग लगाकर सोमवार को 44.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान मामूली कमी के साथ 26 से 25.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
सूखी गर्मी का असर रहा कि सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। बाजारों में भी चहल पहल कम रही। सूरज ढलते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई। चौक, घंटाघर, नखासकोहना, रोशनबाग समेत अन्य इलाकों में देर रात तक भीड़ रही। रात में आठ बजे के बाद तपन से राहत मिली।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तपन बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है। अभी 21 जून तक सूखी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इस बीच चक्रवाती प्रभाव से इसी सप्ताह के अंत तक प्री मानसून की फुहारें गर्मी से फौरी राहत दिला सकती हैं। एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से धूल भरी आंधी और गरज चमक के बारिश हुई तो यहां भी इसका प्रभाव गर्मी से राहत दिला सकती है।
विज्ञापन
मई महीने में बीते मंगलवार से बृहस्पतिवार तक प्रयागराज सूबे में सबसे अधिक तपन वाला बना रहा। रविवार को अधितकम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस से करीब दो डिग्री छलांग लगाकर सोमवार को 44.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान मामूली कमी के साथ 26 से 25.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया।
विज्ञापन
सूखी गर्मी का असर रहा कि सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। बाजारों में भी चहल पहल कम रही। सूरज ढलते ही बाजारों में रौनक बढ़ गई। चौक, घंटाघर, नखासकोहना, रोशनबाग समेत अन्य इलाकों में देर रात तक भीड़ रही। रात में आठ बजे के बाद तपन से राहत मिली।
विज्ञापन
मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एचएन मिश्रा के मुताबिक तपन बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है। अभी 21 जून तक सूखी गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। इस बीच चक्रवाती प्रभाव से इसी सप्ताह के अंत तक प्री मानसून की फुहारें गर्मी से फौरी राहत दिला सकती हैं। एनसीआर में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से धूल भरी आंधी और गरज चमक के बारिश हुई तो यहां भी इसका प्रभाव गर्मी से राहत दिला सकती है।