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तेंदुए को देख पूर्व ग्राम प्रधान जान बचाने को पेड़ पर चढ़े, मोवाइल पर दी गयी सूचना पर पहुंचे ग्रामीण, क्षेत्र में दहशत व्याप्त
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बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्टरी में महीनों से ठिकाना बनाए बाघिन का रेस्क्यू अभी बाकी ही है कि शनिवार को फिर एक तेंदुए की आहट से हडकंप मच गया। एक किसान का दावा है कि खेत देखने के दौरान अचानक पास के गन्ने के खेत से एक तेंदुआ बाहर आया। जान बचाने के लिए पास के पेड़ पर चढ़ गए। ग्रामीणों के आने पर वह नीचे उतरे। उधर, वन विभाग ने घटना की जानकारी से इनकार किया है।
गांव ठिरिया खेतल के पूर्व प्रधान राम प्रसाद वर्मा के मुताबिक शनिवार सुबह करीब सात बजे वह खेत देखने गए थे। पास के गन्ने के खेत में किसी जानवर की चहलकदमी दिखी तो उन्होंने डंडा फेंक दिया। डंडा गिरने की हलचल से तेंदुआ बाहर निकल आया। जिसे देख उनके होश उड़ गए। जिसके बाद वह किसी तरह छिपकर पास के पेड़ पर चढ़ गए। दावा है कि तेंदुआ उन्हें नहीं देख सका और आगे चला गया। फिर उन्होंने अपने बटाईदार मैजुद्दीन को फोन किया। जिस पर वह तमाम ग्रामीणों को लेकर खेत पहुंचे तो वह नीचे उतरे। बाद में ग्रामीणों ने तेंदुए की काफी देर तक तलाश की मगर वो नहीं दिखा। नदी किनारे कटरी में जाते समय उनके पगचिन्ह देखने का दावा ग्रामीणों ने जरूर किया। रेंजर संतोष कुमार ने ऐसी किसी सूचना से इनकार किया है। उनका कहना है कि सूचना मिलेगी तो पगचिह्न देखने टीम भेजी जाएगी।
रेस्क्यू के लिए बुलाए गए हैं विशेषज्ञ
करीब दस महीने से रबर फैक्टरी के जंगल में ठिकाना बनाने वाली बाघिन अब लगातार सीसीटीवी कैमरों में ट्रेस हो रही है। शनिवार को वह कोयला न्यू प्लांट में लगे कैमरों में देखी गई है। सटीक लोकेशन मिलने पर डीएफओ भरतलाल ने बाघिन को जल्द पकड़ने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि बीते दस माह में ज्यादा समय तक बाघिन की यही लोकेशन ट्रेस हो रही है। लिहाजा, अब रेस्क्यू के लिए टीम को बुलाया गया है। कभी भी टीम बरेली आ सकती है। बताया कि स्थानीय वन विभाग टीम पड़ाव डाले हुए हैै। 49 कैमरे, आधे दर्जन पिंजड़े और खुले में बांधे गए शिकार के बावजूद बाघिन पकड़ से बाहर है।
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गांव ठिरिया खेतल के पूर्व प्रधान राम प्रसाद वर्मा के मुताबिक शनिवार सुबह करीब सात बजे वह खेत देखने गए थे। पास के गन्ने के खेत में किसी जानवर की चहलकदमी दिखी तो उन्होंने डंडा फेंक दिया। डंडा गिरने की हलचल से तेंदुआ बाहर निकल आया। जिसे देख उनके होश उड़ गए। जिसके बाद वह किसी तरह छिपकर पास के पेड़ पर चढ़ गए। दावा है कि तेंदुआ उन्हें नहीं देख सका और आगे चला गया। फिर उन्होंने अपने बटाईदार मैजुद्दीन को फोन किया। जिस पर वह तमाम ग्रामीणों को लेकर खेत पहुंचे तो वह नीचे उतरे। बाद में ग्रामीणों ने तेंदुए की काफी देर तक तलाश की मगर वो नहीं दिखा। नदी किनारे कटरी में जाते समय उनके पगचिन्ह देखने का दावा ग्रामीणों ने जरूर किया। रेंजर संतोष कुमार ने ऐसी किसी सूचना से इनकार किया है। उनका कहना है कि सूचना मिलेगी तो पगचिह्न देखने टीम भेजी जाएगी।
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रेस्क्यू के लिए बुलाए गए हैं विशेषज्ञ
करीब दस महीने से रबर फैक्टरी के जंगल में ठिकाना बनाने वाली बाघिन अब लगातार सीसीटीवी कैमरों में ट्रेस हो रही है। शनिवार को वह कोयला न्यू प्लांट में लगे कैमरों में देखी गई है। सटीक लोकेशन मिलने पर डीएफओ भरतलाल ने बाघिन को जल्द पकड़ने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि बीते दस माह में ज्यादा समय तक बाघिन की यही लोकेशन ट्रेस हो रही है। लिहाजा, अब रेस्क्यू के लिए टीम को बुलाया गया है। कभी भी टीम बरेली आ सकती है। बताया कि स्थानीय वन विभाग टीम पड़ाव डाले हुए हैै। 49 कैमरे, आधे दर्जन पिंजड़े और खुले में बांधे गए शिकार के बावजूद बाघिन पकड़ से बाहर है।
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