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आयोग के लिए एलटी ग्रेड पर निर्णय लेना मुश्किल
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EDUCATION
प्रयागराज। एलटी ग्रेेड शिक्षक भर्ती परीक्षा की एसटीएफ जांच को लेकर हाईकोर्ट से झटका खाने के बाद आयोग के लिए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम पर निर्णय लेना मुश्किल होगा। अब भी नौ हजार से अधिक विषयों के रिजल्ट फंसे हुए हैं। वहीं, जिन विषयों के परिणाम घोषित हो चुके हैं, उनमें चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति फंसी हुई है।
एलटी ग्रेड शिक्षक के कुल 10768 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग की ओर से अब तक सात विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 1343 पदों का परिणाम घोषित किया जा चुका है। ऐसे में नौ हजार से अधिक पदों का परिणाम अब भी फंसा हुआ है। जिन विषयों को रिजल्ट घोषित किया गया था, विवाद के बाद उनमें चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखा सत्यापन का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में चयनितों की नियुक्तियां भी फंस गई हैं। हाईकोर्ट से आयोग की याचिका खारिज होने के अब एसटीएफ की जांच और तेज हो सकती है।
ऐसे में आयोग अगर परिणाम जारी करता है या अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराता है तो विवाद बढ़ सकता है। ऐसे में आयोग के लिए अब रिजल्ट और सत्यापन प्रक्रिया पर निर्णय लेना मुश्किल हो गया है। अभ्यर्थी भी रोज आयोग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिल पा रहा है।
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एलटी ग्रेड शिक्षक के कुल 10768 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग की ओर से अब तक सात विषयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 1343 पदों का परिणाम घोषित किया जा चुका है। ऐसे में नौ हजार से अधिक पदों का परिणाम अब भी फंसा हुआ है। जिन विषयों को रिजल्ट घोषित किया गया था, विवाद के बाद उनमें चयनित अभ्यर्थियों के अभिलेखा सत्यापन का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में चयनितों की नियुक्तियां भी फंस गई हैं। हाईकोर्ट से आयोग की याचिका खारिज होने के अब एसटीएफ की जांच और तेज हो सकती है।
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ऐसे में आयोग अगर परिणाम जारी करता है या अभिलेखों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कराता है तो विवाद बढ़ सकता है। ऐसे में आयोग के लिए अब रिजल्ट और सत्यापन प्रक्रिया पर निर्णय लेना मुश्किल हो गया है। अभ्यर्थी भी रोज आयोग के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें उचित जवाब नहीं मिल पा रहा है।
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