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ईसीसी को अब नहीं मिलेगी इविवि की डिग्री
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ECC will not get the degree of degree now
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प्रयागराज। इविंग क्रिश्चियन कॉलेज (ईसीसी) में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की डिग्री नहीं मिलेगी। मंगलवार को हुई विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। परीक्षा समिति में इस मुद्दे पर सहमति बनने के बाद अब इस मसले को एकेडमिक कौंसिल की बैठक में ले जाया जाएगा और वहां इस पर अंतिम मुहर लगेगी।
कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि इविवि प्रशासन अब ईसीसी को अपनी डिग्री नहीं देगा। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ईसीसी अपनी प्रवेश परीक्षा अलग से कराता है और विभागीय परीक्षाएं भी अलग से लेता है। ऐसे में इविवि की ओर से ईसीसी को किस आधार पर डिग्री दी जाए। इसी वजह से परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि इविवि अब ईसीसी को अपनी डिग्री नहीं देगा। हालांकि डिग्री देने या न देने का यह विवाद वर्ष 2015 से चल रहा है।
बीच में इविवि प्रशासन की ओर से डिग्री रोके जाने की कार्रवाई भी की गई थी जबकि, कुछ मामले न्यायालय में जाने के बाद इविवि प्रशासन को उन मामलों में अपनी डिग्री देनी पड़ी थी। एकेडमिक कौंसिल में इस पर मुहर लगने के बाद इस विवाद का स्थायी समाधान हो जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि अतिथि प्रवक्ताओं की ड्यूटी परीक्षा में लगाई जाएगी लेकिन उनसे कोई गोपनीय कार्य नहीं लिया जाएगा। परीक्षा समिति के समक्ष कुछ ऐसे छात्रों का मामला भी रखा गया, जो छह वर्ष में स्नातक का पाठ्यक्रम पूरा नहीं सके और उन्होंने एक अन्य अवसर मांगा है। तय हुआ कि ऐसे मामलों में अब कोई अतिरिक्त अवसर नहीं दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को हर हाल में छह वर्ष में स्नातक का पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।
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कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि इविवि प्रशासन अब ईसीसी को अपनी डिग्री नहीं देगा। परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ईसीसी अपनी प्रवेश परीक्षा अलग से कराता है और विभागीय परीक्षाएं भी अलग से लेता है। ऐसे में इविवि की ओर से ईसीसी को किस आधार पर डिग्री दी जाए। इसी वजह से परीक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि इविवि अब ईसीसी को अपनी डिग्री नहीं देगा। हालांकि डिग्री देने या न देने का यह विवाद वर्ष 2015 से चल रहा है।
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बीच में इविवि प्रशासन की ओर से डिग्री रोके जाने की कार्रवाई भी की गई थी जबकि, कुछ मामले न्यायालय में जाने के बाद इविवि प्रशासन को उन मामलों में अपनी डिग्री देनी पड़ी थी। एकेडमिक कौंसिल में इस पर मुहर लगने के बाद इस विवाद का स्थायी समाधान हो जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि अतिथि प्रवक्ताओं की ड्यूटी परीक्षा में लगाई जाएगी लेकिन उनसे कोई गोपनीय कार्य नहीं लिया जाएगा। परीक्षा समिति के समक्ष कुछ ऐसे छात्रों का मामला भी रखा गया, जो छह वर्ष में स्नातक का पाठ्यक्रम पूरा नहीं सके और उन्होंने एक अन्य अवसर मांगा है। तय हुआ कि ऐसे मामलों में अब कोई अतिरिक्त अवसर नहीं दिया जाएगा। छात्र-छात्राओं को हर हाल में छह वर्ष में स्नातक का पाठ्यक्रम पूरा करना होगा।
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