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कहीं से कर सकेंगे अंतरराष्ट्रीय जरनल का अध्ययन

Tue, 03 Jan 2017 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद।
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद। Updated Tue, 03 Jan 2017 01:20 AM IST
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आॅन लाइन शॉपिंग युवाओं की पसंद - फोटो : demo pic
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अध्यापक और शोधछात्रों को देश-विदेश के जरनल में छपे रिसर्च पेपर तथा आंकड़ों की जानकारी के लिए परिसर या लाइब्रेरी में जाने की जरूरत नहीं होगी। वे दुनिया में कहीं से भी विश्वविद्यालय के केंद्रीय लाइब्रेरी के ई-जरनल तथा डाटा बेस का अध्ययन कर सकेंगे। बस उन्हें विश्वविद्यालय से यूजर आईडी और पासवर्ड लेना होगा। यह सेवा अप्रैल से शुरू हो जाएगी। हालांकि, पहले फेज में अध्यापकों को यह सुविधा दी जाएगी। इसके लिए कनेक्शन लिया जा रहा है। इसी महीने ट्रायल भी शुरू हो जाएगा। दावा है कि यह सुविधा फिलहाल जेएनयू, दिल्ली विश्वविद्यालय समेत देश के कुछ चुनिंदा शिक्षण संस्थानों में ही है।
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अभी विश्वविद्यालय की ई-लाइब्रेरी लीज लाइन पर आधारित है। ऐसे में लीज लाइन से जुड़े कंप्यूटर पर ई-लाइब्रेरी में शामिल ई-जरनल तथा डाटा बेस का अध्ययन किया जा सकता है। हालांकि, अब इसे वाई-फाई से जोड़ दिया गया है। ऐसे में परिसर में कहीं भी यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है, लेकिन नेटवर्क टूटने, रात में वाई-फाई सुविधा बंद होने आदि की शिकायत है। ऐसे में शोधार्थियों को लाईब्रेरी में ही जाना होता है, लेकिन आने वाले दिनों ये बंदिशें दूर हो जाएंगी। लाइब्रेरी की ओर से रीमोट एक्सेस की सुविधा दी जाएगी। इंटरनेट कनेक्शन होने पर इसकी मदद से लाइब्रेरी की सभी तरह की ऑनलाइन सुविधाओं का फायदा कहीं से भी उठाया जा सकेगा। लाइब्र्रेरियन डॉ.बीके सिंह ने बताया कि  अप्रैल से यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है। एक सप्ताह में ट्र्रायल भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए एक कंपनी से बात की गई है।
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विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में 22 हजार से अधिक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय ई-जरनल हैं। इनमें दुनिया के तकरीबन प्रतिष्ठित जरनल शामिल हैं। इनके अलावा 22 डेटा बेस जुड़े हैं। एक डेटा बेस पर दुनिया के सभी पीएचडी और एमफिल धारकों की थीसिस अपलोड है। नई सुविधा शुरू होने के बाद इनका अध्ययन कहीं से किया जा सकेगा। एक अन्य डाटा बेस की मदद से भारत के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़े विगत 100 साल के आंकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। इसी तरह से इन डाटा बेस की मदद से कहां किस तरह के रिसर्च हो रहे हैं और इनके रिजल्ट के अलावा अलग-अलग विषय के आंकड़े भी प्राप्त किए जा सकते हैं, जो शोध के मुख्य आधार होते हैं।
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