Prayagraj : द्वारका और ज्योतिष्पीठ ने माघ मेले में शिविर लगाने से किया इन्कार, पसंद की जमीन न मिलने से नाराज
मनपसंद जमीन न मिलने पर शारदा और द्वारका पीठ के शंकराचार्यों ने माघ मेले में शिविर लगाने से इनकार कर दिया है। भूमि आवंटन के दौरान दोनों शंकराचार्यों के प्रतिनिधि श्रीधरानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि पीठ के लिए मनसैता नाले के पास भूमि दी जा रही है। यहां पर शिविर नहीं लगाया जाएगा।
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माघ मेले में शंकराचार्यों के शिविरों के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया में द्वारका पीठ और ज्योतिष्पीठ ने शंकराचार्यों का शिविर लगाने से मना कर दिया है। पसंद की जमीन नहीं मिलने से नाराज दोनों पीठों के प्रतिनिधि ब्रह्मचारी श्रीधरानंद की इस घोषणा के बाद मेला प्रशासन मान-मनौवल में लगा हुआ है।
इस बार द्वारका पीठ के शंकराचार्य ने ज्योतिषपीठ के बराबर भूमि मांगी है। इस संबंध में मंगलवार को मनकामेश्वर मंदिर में प्रभारी मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद और एसडीएम मेला विवेक शुक्ला ने दोनों पीठों के प्रतिनिधि ब्रह्मचारी श्रीधरानंद से वार्ता की। उन्होंने श्रीधरानंद से भूमि आवंटन के दौरान मेला क्षेत्र में आगमन का भी आग्रह किया। इसके बाद श्रीधरानंद बुधवार को भूमि आवंटन के लिए मेला क्षेत्र पहुंचे।
दरअसल, परंपरागत तरीके से चारों शंकराचार्य को त्रिवेणी मार्ग पर ही बसाया जाता है। इस बार भी त्रिवेणी मार्ग पर ज्योतिषपीठ और द्वारका पीठ के लिए भूमि दिखाई गई। लेकिन, यहां भूमि में कटौती कर दिए जाने के बाद छतनाग और नागवासुकि के पास भी जमीन दिखाई गई। बाद में मनसैता नाले के पास भी जमीन दिखाई। ब्रह्मचारी श्रीधरानंद ने कहा कि वहां नाले के किनारे शिविर नहीं लगाया जा सकता। उन्होंने शंकराचार्यों का शिविर लगाने से इन्कार कर दिया और मनकामेश्वर मंदिर लौट गए।