Durga Puja 2023 : प्रयागराज में विराजेंगे केदारनाथ, जागते मिलेंगे रोवर और प्रज्ञान
शारदीय नवरात्र पर देवी आराधना के लिए अलग-अलग थीम पर तैयार हो रहे पूजा पंडालों के क्रम में अबकी प्रीतम नगर में चंद्रयान तीन का नजारा दिखेगा। इसी तरह नेता नगर के 67वें दुर्गा पूजा उत्सव के तहत पंडाल में कोलकाता के इस्कॉन मंदिर की छवियां दिखेंगी।
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चंद्रयान-3 की सफलता ने पूरे विश्व में भारत का नाम ऊंचा किया है। भारत की इस बड़ी उपलब्धि को सुलेम सराय सार्वजनिन दुर्गा पूजा कमेटी के पंडाल में दर्शाया गया है। डेढ़ महीने में तैयार हुए इस पंडाल को बड़े ही खूबसूरत व आकर्षक अंदाज में चंद्रयान-3 का हूबहू रूप दिया गया है। 85 फुट ऊंचे पंडाल को बाहर की तरफ से सफेद रंग दिया गया है। वहीं, पंडाल को अंदर से खूबसूरत झूमर और लाइटों से सजाया गया है। कमेटी के सचिव देवाशीष मजूमदार की मानें तो पंडाल को तैयार करने में कुल लागत 20 लाख रुपये आई है।
देवाशीष मजूमदार ने बताया कि 1986 से यहां पर दुर्गा प्रतिमा की स्थापना हो रही है। इसके कारण इस स्थान का नाम ही दुर्गापूजा पार्क पड़ गया है। चार सितंबर से पंडाल को तैयार करना शुरू किया गया था। वहीं, बृहस्पतिवार को पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। दस भुजा मां दुर्गा की प्रतिमा साढ़े नौ फुट ऊंची है। वहीं, मुकुट के साथ इसकी ऊंचाई लगभग 13 फुट हो जाएगी। शुक्रवार को मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इसके बाद से यहां नवमी तक प्रतिदिन मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का कार्यक्रम चलेगा।
कोलकाता के इस्कॉन मंदिर की थीम पर बन रहा नेता नगर का दुर्गा पूजा पंडाल
शारदीय नवरात्र पर देवी आराधना के लिए अलग-अलग थीम पर तैयार हो रहे पूजा पंडालों के क्रम में अबकी नेता नगर के 67वें दुर्गा पूजा उत्सव के तहत पंडाल में कोलकाता के इस्कॉन मंदिर की छवियां दिखेंगी। देवी की सफेद रंग की 17 फीट ऊंची प्रतिमा तथा 70 फीट ऊंचा पंडाल आकर्षण का केंद्र होगा।
कमेटी के अध्यक्ष विक्की यादव कहते हैं, इस वर्ष कमेटी 67वां पूजनोत्सव है। बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पंडाल से लेकर देवी की मूर्ति तक में नयापन की कोशिश है। पंडाल को कोलकाता के इस्कॉन मंदिर की थीम पर बनाने के लिए कारीगरों को छह लाख रुपये दिए जाएंगे। तकरीबन डेढ़ माह में 12 कारीगरों की टीम ने इसे बना रही है। कमेटी के उपाध्यक्ष चंदन साहू के मुताबिक बीते वर्ष राजस्थानी मूर्ति लगाई गई थी, अबकी साज-सज्जा वाली श्वेत मूर्ति है। पंडाल के चारों ओर करीब 100 मीटर तक रंग-विरंगी रोशनी रहेगी। पंचमी से पंडाल में देवी के दर्शन हो सकेंगे।
दरभंगा कॉलोनी में दिखेगी शीश महल की झलक
शहर के दरभंगा इलाके में आयोजित होने वाली दुर्गापूजा हर साल नई थीम और भव्यता के लिए मशहूर है। दरभंगा कॉलोनी पूजा कमेटी की ओर से 66वें दुर्गापूजा पंडाल को शीश महल की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इस बार पंडाल के अंदर व बाहर के हिस्से को शीशे से सजाया जा रहा है।
कमेटी के सचिव देवव्रत बसु बताते हैं कि हमारे यहां हर साल अलग थीम पर पंडाल को तैयार किया जाता है। तकरीबन दो महीने से पंडाल बनाने का काम चल रहा है। खास बात यह है कि बंगाल से पंडाल को तैयार करने के लिए 30 कारीगर बुलाए गए हैं। कारीगर दिन-रात मेहनत करके पंडाल को भव्य स्वरूप देने में जुटे हुए हैं।
कमेटी के सीनियर मेंबर रवि सक्सेना बताते हैं कि पंडाल की ऊंचाई व चौड़ाई 70 फीट है। दुर्गा मां की प्रतिमा बनाने के लिए कोलकाता से पांच कुशल कारीगर बुलाए गए हैं। नवरात्र की पंचमी को 18 फीट ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा का दिव्य दर्शन होगा। इनके दाएं-बाएं गणेश-लक्ष्मी, कार्तिकेय-सरस्वती जी विराजमान रहेंगे। इस पंच मूर्ति को एक चाला कहते हैं।
कमेटी के कोषाध्यक्ष संतोष मंडल के मुताबिक मूर्ति की साज-सज्जा और शृंगार का सामान बंगाल से मंगाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए पंडाल के साथ मूर्ति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
28 पंडालों ने लिया बिजली का अस्थाई कनेक्शन
दुर्गा पंडालों में अस्थाई कनेक्शन लेने के लिए बिजली विभाग ने जो जागरूकता फैलाई उसका असर भी दिखने लगा है। अबतक कुल 28 पंडालों में बिजली के अस्थाई कनेक्शन लिए गए। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने अस्थाई कनेक्शन लिया है। यह कनेक्शन नौ दिनों के लिए ही मान्य होगा।
40 पूजा पंडालों का निरीक्षण, अग्निशमन व्यवस्था की जांच
अग्निशमन विभाग की ओर से बुधवार को जनपद के 40 पूजा पंडालों का निरीक्षण किया गया। विभागीय कर्मचारियों ने पंडालों में अग्निशमन व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही पूजन शुरू होने से पहले अग्निशमन के पूर्ण उपाय करने के निर्देश दिए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव पांडेय ने बताया कि अभी बहुत से पंडाल पूरी तरह से तैयार नहीं हुए हैं। इन सभी को मानकों के अनुसार अग्निश्मन व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी अग्निशमन अधिकारियों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र में स्थित पंडालों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें।