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प्रयागराज : बादलों की बेरुखी से धान की फसल को हो रहा नुकसान, बढ़ रही किसानों की चिंता

Sat, 19 Aug 2023 01:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 19 Aug 2023 01:39 PM IST
सार

पिछले 15 दिनों में एक भी बार अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसके चलते धान और मक्का की सूख रहीं फसलों को बचाने के लिए किसान जहां उपलब्धता है वहां पंप के सहारे सिंचाई कर रहे हैं। दूसरी ओर गंगापार और यमुनापार के अधिकतर किसान चाह कर भी फसल बचाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।

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Due to indifference of clouds, damage to paddy crop, increasing concern of farmers
धान की फसल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बादलों की बेरुखी से किसानों की चिंता बढ़ रही है। अगस्त महीना भी आधा बीत गया, पर किसानों को अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार है। किसानों का कहना है कि जिले में चारों ओर सूखे जैसी स्थिति बन रही है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अगस्त के पहले ही सप्ताह में किसानों ने धान की बोआई पूरी कर ली है, लेकिन तपती धूप के कारण खेत में लगा धान सूखने की कगार पर है। किसान अपनी फसल नष्ट होती देख परेशान हैं।

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पिछले 15 दिनों में एक भी बार अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसके चलते धान और मक्का की सूख रहीं फसलों को बचाने के लिए किसान जहां उपलब्धता है वहां पंप के सहारे सिंचाई कर रहे हैं। दूसरी ओर गंगापार और यमुनापार के अधिकतर किसान चाह कर भी फसल बचाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष लल्लू प्रसाद पटेल ने बताया कि जिले में अच्छी बारिश नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार की शाम बूंदाबांदी से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन इतना काफी नहीं है। दो से तीन दिन अच्छी बारिश की दरकार है। मौसम के इस मिजाज का असर धान की फसल पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसल अब मुरझाकर गिरने लगी है।
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इसका असर उन्हीं किसानों की फसलों पर हो रहा है, जो सिंचाई के लिए सिर्फ बारिश पर निर्भर हैं। गंगापार के किसान गंगाराम का कहना है कि अगर दो से तीन दिन में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान के पौधों में कलियों की संख्या कम हो जाएगी और उत्पादन घटेगा। इसके अलावा फसल की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। बारिश से धान की फसल को अधिक फायदा मिलता है।

कम बारिश और बढ़ा तापमान बर्बाद कर रहा फसल

मौसम विभाग के मुताबिक जिले में एक जून से अबतक 455 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन महज 253 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। जो औसत का महज 55.60 प्रतिशत ही है। बारिश न होने से तापमान और उमस भी लगातार बढ़ रही है, जो धान की फसल के लिए नुकसानदायक है। इन दिनों अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक चल रहा है, जिससे फसल पानी न मिल पाने से सूख रही है।

बारिश हो नहीं रही, ट्यूबवेल से लगातार पानी नहीं निकल रहा है, इससे फसलों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। धान की फसल रोपने वाले किसानों को बारिश से ही उम्मीदे हैं। -  कृष्ण यादव, किसान, यमुनापार


मौजूदा समय में बहुत दिक्कत नहीं है, पिछले दो दिन थोड़ी बहुत बूंदाबांदी हुई है, जिससे कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक से दो दिन में अच्छी बारिश की संभावना है। अगर हफ्ते भर बारिश नहीं हुई तो संकट होगा, फिलहाल नहरों में पानी है। - सुभाष मौर्य, जिला कृषि अधिकारी

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