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प्रयागराज में नशे का कारोबार : रात में कई किमी तक फैलती थी बदबू, पूछने पर बीज-खाद की बताई जाती थी गंध

Sun, 06 Sep 2026 05:06 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 06 Sep 2026 05:06 PM IST
सार

मांडा के कोसड़ा कला में खेतों के बीच नर्सरी की आड़ में एमडी बनाने की फैक्टरी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। डीसीपी यमुनापार विवेक चंद्र यादव ने मांडा थाना और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई।

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Drug trade in Prayagraj: A foul odor would spread for kilometers at night; when questioned
मांडा में चल रही थी ड्रग की फैक्टरी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मांडा के कोसड़ा कला में खेतों के बीच नर्सरी की आड़ में एमडी बनाने की फैक्टरी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। डीसीपी यमुनापार विवेक चंद्र यादव ने मांडा थाना और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई।

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ग्रामीणों का कहना है कि टिनशेड से निकलने वाली तेज रासायनिक गंध उन्हें महसूस होती थी। रात में हवा संग यह गंध आसपास के गांवों तक पहुंचती थी। पूछने पर बताया जाता था कि नर्सरी में फूलों की खेती के लिए इस्तेमाल होने वाले बीज और खाद की वजह से गंध फैलती है। खेतों के बीच टिनशेड में दिन में ज्यादा हलचल नजर नहीं आती थी, लेकिन कभी-कभी रात में गतिविधियां बढ़ जाती थीं। इसी दौरान तेज और अलग तरह की गंध आसपास फैलती थी। दो बीघे जमीन जनवरी में नर्सरी करने के नाम पर लीज पर ली गई थी। जमीन मालिक के पास करीब 22 बीघे का बड़ा भूभाग है। ब्यूरो
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बदबू आती रही, पुलिस तक नहीं पहुंची सूचना

फैक्टरी पकड़े जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि रासायनिक गंध कई किलोमीटर दूर तक महसूस होती थी तो स्थानीय पुलिस को भनक क्यों नहीं लगी। क्या किसी ग्रामीण ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। यदि सूचना मिली थी तो उस पर क्या कार्रवाई हुई?
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ग्रामीणों से पूछताछ में और मिल सकते हैं सुराग

अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कथित तौर पर नशीले पदार्थ के निर्माण की गतिविधियों में कौन-कौन लोग शामिल थे। ऐसे में ग्रामीणों से पूछताछ अहम हो सकती है। गंध किस समय आती थी, रात में कितनी बार गतिविधियां होती थीं और कौन-कौन लोग व वाहन वहां आते-जाते थे। इन जानकारियों से फैक्टरी के संचालन की अवधि और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है।

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