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डा. बंसल हत्याकांड : हत्यारोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा की जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित

Fri, 15 Jul 2022 10:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 15 Jul 2022 10:34 PM IST
सार

शूटरों ने करीब से उन्हें गोलियां मारी थीं। सनसनीखेज तरीके से हुए इस कत्ल के खिलाफ देश भर के डॉक्टरों ने आवाज उठाई थी। विरोध प्रदर्शन हुए थे। एसटीएफ समेत कई जांच टीम चार साल तक कत्ल का पर्दाफाश करने में नाकाम रही।

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Dr. Bansal murder case: Decision reserved on bail application of former block chief Dilip Mishra, accused of murder
prayagraj news : माफिया दिलीप मिश्र। - फोटो : prayagraj

विस्तार

चर्चित डा. एके बंसल हत्याकांड के आरोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिलीप मिश्रा की जमानत अर्जी पर इलाहाबाद उच्च हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव की अदालत में हुई। मामले में लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. एके बंसल का कत्ल 12 जनवरी 2017 की शाम सात बजे जीवन ज्योति अस्पताल के उनके चैंबर में कर दिया गया था।

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शूटरों ने करीब से उन्हें गोलियां मारी थीं। सनसनीखेज तरीके से हुए इस कत्ल के खिलाफ देश भर के डॉक्टरों ने आवाज उठाई थी। विरोध प्रदर्शन हुए थे। एसटीएफ समेत कई जांच टीम चार साल तक कत्ल का पर्दाफाश करने में नाकाम रही। पिछले साल एसटीएफ ने प्रतापगढ़ के शूटर को गिरफ्तार कर हत्या का रहस्य बेनकाब किया था।
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एसटीएफ का दावा है कि दिलीप मिश्रा और एडमीशन माफिया आलोक सिन्हा ने नैनी जेल में बंद रहने के दौरान डॉक्टर बंसल की हत्या की सुपारी प्रतापगढ़ के शूटरों को दी थी। इस घटना की प्राथमिकी अज्ञात के खिलाफ कीडगंज थाने में दर्ज कराई गई थी। फिर पुलिस ने चार साल से फरार आलोक सिन्हा को भी गिरफ्तार करने में कायमाबी हासिल की।

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पुलिस का कहना है कि दिलीप मिश्र ने ही आलोक सिन्हा के कहने पर शूटरों का इंतजाम किया था। पकडे़ गए प्रतापगढ़ के शूटर शोएब ने भी इस बात को कुबूला था। पुलिस के मुताबिक डॉ. बंसल के बेटे का एमबीबीएस में एडमीशन के लिए पैसा लेने के बाद आलोक सिन्हा ने एडमीशन नहीं कराया और फिर रकम भी नहीं वापस की थी। डाक्टर ने मुकदमा लिखाया तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।


इसी खुन्नस में आलोक ने डाक्टर को मरवाने की साजिश रची और इसमें दिलीप ने पूरा सहयोग किया। दिलीप मिश्र ने जेल से रिहा होने के लिए जमानत की अर्जी हाई कोर्ट में दी। पुलिस की ओर से कोर्ट में बताया गया कि दिलीप ने ही भाड़े के शूटर मुहैया कराए। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद दिलीप की जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।

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