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डॉक्टर हड़ताल पर, आज भी बंद रहेंगे निजी अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 14 Jan 2017 02:11 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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डॉ. एके बंसल की हत्या के विरोध में शुक्रवार को शहर के निजी और सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर सड़क पर उतर आए। निजी अस्पतालों की सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं, जबकि सरकारी अस्पतालों की ओपीडी 11 बजे के बाद बंद कर दी गईं। इसके चलते हजारों मरीज उपचार कराए बिना वापस हुए। डॉक्टरों ने शाम को इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के हाल में बैठक कर हड़ताल को शनिवार को भी जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके चलते शनिवार को भी मरीजों की परेशानी होनी तय है।
एएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की हड़ताल से शहर के सभी छोटे-बड़े प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी नहीं चलीं। डॉक्टर नदारद रहे। कई अस्पतालों पर तो स्ट्राइक का बोर्ड लटका नजर आया। जहां अस्पताल खुले वहां पर सन्नाटा रहा। डॉक्टरों ने केवल भर्ती मरीजों को ही देखा। निजी अस्पतालों की ओपीडी सेवा ठप होने का असर एसआरएन समेत दूसरे अस्पतालों में भी देखने को मिला। सरकारी अस्पतालों से भी मरीज निराश ही लौटे। एसआरएन चिकित्सालय छोड़कर बेली, कॉल्विन, डफरिन समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर 11 बजे के बाद ओपीडी छोड़कर चले गए। वहीं शहर के निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड समेत जांच सेंटर भी बंद रहे।
डॉक्टरों ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए शहर के विभिन्न समुदायों से जुड़े संगठनों को भी जोड़ा और ‘इलाहाबाद सिटीजन फोरम’ गठित कर शनिवार को इलाहाबाद बंद का आह्वान किया। इलाहाबाद बंद के निर्णय का हाईकोर्ट एवं डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन, आयूष, नीमा, होम्योपैथी, फिजियोथिरेपी, प्रयाग व्यापार मंडल, इलाहाबाद डेंटल एसोसिएशन, इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन, प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (रिटेल) ने भी समर्थन किया। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, उनका आंदोलन वापस नहीं होगा। वह शनिवार को फिर एएमए के हाल में सुबह 10 बजे बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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शुक्रवार को एएमए हाल में बैठक कर डॉक्टरों ने घटना की निंदा की। एएमए अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटना से न केवल चिकित्सक बल्कि आम लोग भी भयभीत हैं। कहा कि कुछ महीने पहले भी डॉ. बंसल पर हमला हुआ था। उसके बावजूद प्रशासन की ओर से उनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. त्रिभुवन सिंह पर हुए हमले का मामला भी उठाया गया। कहा कि अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। इस मौके पर डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. एपी सिंह, डॉ. एससी गुप्ता, डॉ. बीके मिश्रा, डॉ. त्रिभुवन सिंह समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे। दिन भर हड़ताल करने के बाद डॉक्टरों ने शाम को भी बैठक की। इसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव सुरेश पांडेय, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव कौशलेश सिंह, लोकेश सिंह, व्यापारी नेता विजय अरोरा, सुहैल अहमद, कादिर, राना चावला, लालू मित्तल, अन्नू दूबे, परमजीत सिंह, कौशल सिंह, डॉ. आशीष त्रिपाठी आदि ने अपनी बात रखी।
डॉ. बंसल की हत्या के विरोध में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भी विरोध जताया। शुक्रवार शाम मेडिकल कॉलेज से जार्ज टाउन स्थित डॉ. बंसल के आवास तक कैंडल मार्च निकालकर शोक जताया गया। छात्रों ने कहा कि इस घटना से चिकित्सा जगत में शोक व्याप्त है।
डॉ. बंसल की हत्या पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन, विश्व आयुर्वेद परिषद और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड मेडिकल रिप्रेसेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्यों ने भी शोक जताया। अलग-अलग बैठक कर घटना की निंदा की। इंडियन डेंटल एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष सचिन प्रकाश ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्य एएमए के साथ मिलकर शनिवार को हड़ताल में शामिल रहेंगे। बैठक में सचिव डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. अमरजीत गुलेरी आदि मौजूद रहे। विश्व आयुर्वेद परिषद के सदस्यों ने हत्या के विरोध में हड़ताल की और दुख जताया। बैठक में डॉ. पीएस पांडेय, डॉ. शंकर मिश्र, डॉ. एमडी दूबे, डॉ. जे नाथ, डॉ वीएस रघुवंशी आदि मौजूद रहे। मेडिकल रिप्रेसेंटेटिव के सचिव आशुतोष त्रिपाठी ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में प्रदेश सचिव सौरभ बोस, उपाध्यक्ष समीर भट्टाचार्या, सतीश, शिखर, आलोक, राजेश अग्रहरि आदि मौजूद रहे।
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एएमए के आह्वान पर डॉक्टरों की हड़ताल से शहर के सभी छोटे-बड़े प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी नहीं चलीं। डॉक्टर नदारद रहे। कई अस्पतालों पर तो स्ट्राइक का बोर्ड लटका नजर आया। जहां अस्पताल खुले वहां पर सन्नाटा रहा। डॉक्टरों ने केवल भर्ती मरीजों को ही देखा। निजी अस्पतालों की ओपीडी सेवा ठप होने का असर एसआरएन समेत दूसरे अस्पतालों में भी देखने को मिला। सरकारी अस्पतालों से भी मरीज निराश ही लौटे। एसआरएन चिकित्सालय छोड़कर बेली, कॉल्विन, डफरिन समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टर 11 बजे के बाद ओपीडी छोड़कर चले गए। वहीं शहर के निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड समेत जांच सेंटर भी बंद रहे।
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डॉक्टरों ने आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए शहर के विभिन्न समुदायों से जुड़े संगठनों को भी जोड़ा और ‘इलाहाबाद सिटीजन फोरम’ गठित कर शनिवार को इलाहाबाद बंद का आह्वान किया। इलाहाबाद बंद के निर्णय का हाईकोर्ट एवं डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन, आयूष, नीमा, होम्योपैथी, फिजियोथिरेपी, प्रयाग व्यापार मंडल, इलाहाबाद डेंटल एसोसिएशन, इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट ड्रगिस्ट एसोसिएशन, प्रयाग केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन (रिटेल) ने भी समर्थन किया। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती है, उनका आंदोलन वापस नहीं होगा। वह शनिवार को फिर एएमए के हाल में सुबह 10 बजे बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
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शुक्रवार को एएमए हाल में बैठक कर डॉक्टरों ने घटना की निंदा की। एएमए अध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा ने कहा कि ऐसी घटना से न केवल चिकित्सक बल्कि आम लोग भी भयभीत हैं। कहा कि कुछ महीने पहले भी डॉ. बंसल पर हमला हुआ था। उसके बावजूद प्रशासन की ओर से उनकी सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया गया। डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. त्रिभुवन सिंह पर हुए हमले का मामला भी उठाया गया। कहा कि अपराधी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। इस मौके पर डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. एपी सिंह, डॉ. एससी गुप्ता, डॉ. बीके मिश्रा, डॉ. त्रिभुवन सिंह समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे। दिन भर हड़ताल करने के बाद डॉक्टरों ने शाम को भी बैठक की। इसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव सुरेश पांडेय, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव कौशलेश सिंह, लोकेश सिंह, व्यापारी नेता विजय अरोरा, सुहैल अहमद, कादिर, राना चावला, लालू मित्तल, अन्नू दूबे, परमजीत सिंह, कौशल सिंह, डॉ. आशीष त्रिपाठी आदि ने अपनी बात रखी।
डॉ. बंसल की हत्या के विरोध में मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भी विरोध जताया। शुक्रवार शाम मेडिकल कॉलेज से जार्ज टाउन स्थित डॉ. बंसल के आवास तक कैंडल मार्च निकालकर शोक जताया गया। छात्रों ने कहा कि इस घटना से चिकित्सा जगत में शोक व्याप्त है।
डॉ. बंसल की हत्या पर इंडियन डेंटल एसोसिएशन, विश्व आयुर्वेद परिषद और उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड मेडिकल रिप्रेसेंटेटिव एसोसिएशन के सदस्यों ने भी शोक जताया। अलग-अलग बैठक कर घटना की निंदा की। इंडियन डेंटल एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष सचिन प्रकाश ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्य एएमए के साथ मिलकर शनिवार को हड़ताल में शामिल रहेंगे। बैठक में सचिव डॉ. आशीष त्रिपाठी, डॉ. अमरजीत गुलेरी आदि मौजूद रहे। विश्व आयुर्वेद परिषद के सदस्यों ने हत्या के विरोध में हड़ताल की और दुख जताया। बैठक में डॉ. पीएस पांडेय, डॉ. शंकर मिश्र, डॉ. एमडी दूबे, डॉ. जे नाथ, डॉ वीएस रघुवंशी आदि मौजूद रहे। मेडिकल रिप्रेसेंटेटिव के सचिव आशुतोष त्रिपाठी ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की। बैठक में प्रदेश सचिव सौरभ बोस, उपाध्यक्ष समीर भट्टाचार्या, सतीश, शिखर, आलोक, राजेश अग्रहरि आदि मौजूद रहे।