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डॉ. एके बंसल हत्याकांड : कोई जमीन तो कोई रुपयों के लिए बना कत्ल का साझेदार 

Tue, 06 Apr 2021 02:42 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 06 Apr 2021 02:42 AM IST
सार

  • जमीन को लेकर रंजिश पाल रखा थी दिलीप, रुपयों के लालच में शामिल हुआ अख्तर

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Dr. AK Bansal massacre: Some land or some money made for murder partner
prayagraj news : Dr. Ak Bansal (File Photo) - फोटो : prayagraj

विस्तार

डॉक्टर बंसल की हत्या में यूं तो सबसे बड़ा किरदार एडमिशन माफिया आलोक सिन्हा का रहा। लेकिन वारदात में शामिल अन्य लोगों का भी अपना स्वार्थ रहा। कोई जमीन तो कोई रुपयों के लिए इस कत्ल का साझेदार बना। दिलीप मिश्रा का डॉक्टर से जमीन का विवाद चल रहा था। जबकि अख्तर कटर, अबरार मुल्ला रुपयों के लिए साजिश में शामिल हुए। 
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एसटीएफ अफसरों ने बताया कि आलोक के आने से पहले ही दिलीप मिश्रा, अख्त र कटरा अन्य लोगों समेत नैनी जेल में निरुद्ध थे। यह सभी सर्किल नंबर एक के बी क्लास बैरक में रखे गए थे। संयोग रहा कि इसी बैरक में आलोक को भी निरुद्ध किया गया। बातों-बातों में ही आलोक को पता चला कि दिलीप से भी डॉ. बंसल की अदावत है। दरअसल दिलीप जिस गांव का रहने वाला है, वहां डॉक्टर बंसल ने कुछ जमीनें खरीदी थीं। इनमें से दबंगई के बल पर दिलीप डॉक्टर से एक जमीन ले चुका था।
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अब वह बगल की जमीन के अन्य गाटा संख्या पर भी कब्जा चाहता था। जबकि  डॉक्टर बंसल इसके लिए राजी नहीं थे। उनका कहना था कि वह पहले ही उसे जमीन दे चुके हैं। इसे लेकर दोनों में विवाद भी हो चुका था। ऐसे में आलोक ने जब डॉक्टर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई तो दिलीप इसके लिए झट से तैयार हो गया। उसने रुपयों का लालच देकर अख्तर कटरा को भी साजिश में शामिल कर लिया। आपराधिक प्रवृत्ति के अख्तर कटरा ने आलोक की बात अबरार मुल्ला से कराई और फिर 70 लाख की सुपारी की बात तय होने पर अबरार ने शूटरों की व्यवस्था की। 
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प्रॉपर्टी डीलर का चोला ओढक़र देता था शूटरों को संरक्षण
मामले में वांछित अबरार मुल्ला प्रतापगढ़ का रहने वाला है और वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। हालांकि उसका यह काम सिर्फ दिखावे का था। असलियत में वह शूटरों को संरक्षण देने का काम करता था। उसने सुपारी के एडवांस 15 लाख रुपयों में से महज पांच लाख रुपये ही शूटरों को दिए थे। जबकि10 लाख रुपये खुद के पास रख लिए थे। बाद में यासिर के दबंगई दिखाकर रुपये मांगने पर उसने साजिश के तहत शोएब व मकसूद से उसका कत्ल करा दिया। 

खुलासे से संतुष्ट, लेकिन असली हत्यारे को मिले सजा
बोलीं डॉ. वंदना बंसल, साजिशकर्ता हो सलाखों के पीछे तभी असली न्याय
प्रयागराज। चार साल बाद ही सही, लेकिन डॉक्टर बंसल हत्याकांड के खुलासे पर परिजनों ने भी संतुष्टि जताई है। उनकी पत्नी डॉ. वंदना बंसल का कहना है कि एसटीएफ ने जो भी खुलासा किया, वह उससे संतुष्ट हैं। लेकिन उन्हें न्याय तभी मिलेगा जब उनके पति की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता सलाखों के पीेछे होगा। 


फोन पर हुई बातचीत में डॉक्टर वंदना ने बताया कि उन्हें खुलासे के संबंध में कोई जानकारी एसटीएफ या पुलिस की ओर से नहीं मिली। मीडिया में आई खबरों से ही उन्हें पता चला कि डॉक्टर बंसल की हत्या का खुलासा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने जो भी खुलासा किया है, वह उससे संतुष्ट हैं। लेकिन महज एक शूटर की गिरफ्तारी से उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। उन्होंने कहा कि जब तक उनके पति की हत्या करवाने वाला सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाता, उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा। यही नहीं हत्या में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाई जाए। गौरतलब है कि पति के कत्ल के खुलासे के लिए डॉ. वंदना लगातार संघर्ष करती रहीं। उन्होंने न सिर्फ पुलिस अफसरों बल्कि शासन तक अपनी बात पहुंचाई। दो साल पहले उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए भी शासन को पत्र लिखा था।
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