{"_id":"5732481b4f1c1bdf6e91a060","slug":"documents-of-killing-revealed-by-the-cbi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई ने हासिल किए हत्याकांड के दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीबीआई ने हासिल किए हत्याकांड के दस्तावेज
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 11 May 2016 02:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के बहुचर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। सीबीआई टीम ने पिछले दिनों इलाहाबाद आकर इस सनसनीखेज हत्याकांड से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेने के बाद छानबीन आगे बढ़ाई। घटना की वादी विधायक पूजा पाल की याचिका पर ही सीबीआई को जांच सौंपी गई है। उन्हें भरोसा है कि सीबीआई की जांच और ठोस सुबूतों के आधार पर दोषियों को सजा मिल सकेगी।
शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल का कत्ल 25 जनवरी 2005 को उस वक्त कर दिया गया था जब वह पोस्टमार्टम हाउस से नीवां में अपने घर लौट रहे थे। दिन में तकरीबन तीन बजे सुलेमसराय में जीटी रोड पर उनके काफिले की स्कार्पियो और क्वालिस गाड़ियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। हमले में राजू पाल समेत तीन लोगों की जान गई थी। एक महिला रुखसाना समेत चार लोग घायल हुए। विधायक की पत्नी पूजा पाल ने हत्या में फूलपर के तत्कालीन सपा सांसद अतीक अहमद और उनके छोटे भाई अशरफ के खिलाफ धूमनगंज थाने में केस दर्ज कराया था। हत्या से पहले भी राजू पाल पर दो बार हमला हो चुका था। एक घटना में अशरफ के खिलाफ भी केस लिखाया गया था लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया था। हत्या के बाद दूसरे रोज पूरे जिले में भारी बवाल हुआ था। बाद में मुख्य गवाह उमेश पाल समेत दूसरे गवाहों के अपहरण हुए जिसमें अतीक और अशरफ पर ही आरोप लगाया गया। पुलिस ने अतीक और अशरफ समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन पति राजू पाल के कत्ल के बाद बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर शहर पश्चिमी की विधायक चुनी गई पूजा पाल लगातार आरोप लगाती रही कि पुलिस हत्याकांड में लीपापोती कर रही है। सुबूत नष्ट किए जा रहे हैं। पूजा पाल की ही याचिका पर फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राजू पाल हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश जारी किया था। पिछले दिनों सीबीआई की एक टीम इलाहाबाद पहुंची और इस घटना के दस्तावेजों को हासिल करने की प्रक्रिया पूरी की। अब जल्द ही सीबीआई टीम घटना की वादी पूजा पाल और गवाहों से बात करने के साथ ही घटनास्थल का भी जायजा ले सकती है।
सीबीआई टीम ने एक हफ्ते पहले संपर्क कर जांच में सहयोग मांगा था। सीबीआई टीम को जांच में पूरी मदद की जाएगी। ----केएस इमेनुएल एसएसपी इलाहाबाद।
विज्ञापन
शहर पश्चिमी के बसपा विधायक राजू पाल का कत्ल 25 जनवरी 2005 को उस वक्त कर दिया गया था जब वह पोस्टमार्टम हाउस से नीवां में अपने घर लौट रहे थे। दिन में तकरीबन तीन बजे सुलेमसराय में जीटी रोड पर उनके काफिले की स्कार्पियो और क्वालिस गाड़ियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। हमले में राजू पाल समेत तीन लोगों की जान गई थी। एक महिला रुखसाना समेत चार लोग घायल हुए। विधायक की पत्नी पूजा पाल ने हत्या में फूलपर के तत्कालीन सपा सांसद अतीक अहमद और उनके छोटे भाई अशरफ के खिलाफ धूमनगंज थाने में केस दर्ज कराया था। हत्या से पहले भी राजू पाल पर दो बार हमला हो चुका था। एक घटना में अशरफ के खिलाफ भी केस लिखाया गया था लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया था। हत्या के बाद दूसरे रोज पूरे जिले में भारी बवाल हुआ था। बाद में मुख्य गवाह उमेश पाल समेत दूसरे गवाहों के अपहरण हुए जिसमें अतीक और अशरफ पर ही आरोप लगाया गया। पुलिस ने अतीक और अशरफ समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन पति राजू पाल के कत्ल के बाद बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर शहर पश्चिमी की विधायक चुनी गई पूजा पाल लगातार आरोप लगाती रही कि पुलिस हत्याकांड में लीपापोती कर रही है। सुबूत नष्ट किए जा रहे हैं। पूजा पाल की ही याचिका पर फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने राजू पाल हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश जारी किया था। पिछले दिनों सीबीआई की एक टीम इलाहाबाद पहुंची और इस घटना के दस्तावेजों को हासिल करने की प्रक्रिया पूरी की। अब जल्द ही सीबीआई टीम घटना की वादी पूजा पाल और गवाहों से बात करने के साथ ही घटनास्थल का भी जायजा ले सकती है।
विज्ञापन
सीबीआई टीम ने एक हफ्ते पहले संपर्क कर जांच में सहयोग मांगा था। सीबीआई टीम को जांच में पूरी मदद की जाएगी। ----केएस इमेनुएल एसएसपी इलाहाबाद।