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प्रयागराज में डॉक्टरों का बहिष्कार जारी, ओपीडी ठप
Sun, 16 Jun 2019 01:12 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 16 Jun 2019 01:12 AM IST
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- फोटो : प्रयागराज
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पश्चिम बंगाल में डॉ. परिभा मुखर्जी पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में शनिवार को भी एसआरएन के जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी का बहिष्कार करते हुए काम ठप रखा। ओपीडी शुरू नहीं होने के कारण दूरदराज से आए तमाम मरीज निराश होकर लौटे। भीषण गर्मी में इलाज न मिलने से मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई।
ओपीडी खुलने के समय से ही जूनियर डॉक्टर एसआरएन गेट पर पहुंच गए।
पंजीकरण काउंटर एवं पैथालॉजी ठप कराते हुए डॉक्टरों ने ‘वी वांट जस्टिस’ ‘सेवा के बदले हमला, नहीं चलेगा’ के नारे लगाए। शनिवार को दूसरे दिन भी तमाम विभागों की ओपीडी नहीं चलने दी। विरोध-प्रदर्शन के बीच मरीज एक विभाग से दूसरे विभाग का चक्कर काटते रहे। कुछ सीनियर चिकित्सकों ने थोड़ी देर के लिए ओपीडी चलाई, लेकिन मरीजों को दवा नहीं मिल सकी। जूनियर डॉक्टरों ने एक्सरे, एमआरआई, पैथालॉजी में काम-काज पूरी तरह ठप करा दिया था। गैस्ट्रो विभाग मेें मरीजों की बड़ी संख्या बिना इलाज के ही लौट गई। शंकरगढ़ से आए देवीप्रसाद शुक्ला के मुताबिक वह अपने दस साल के पोते शिवम को दिखाने आए थे लेकिन डॉक्टर के न मिलने से उनको मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इसी तरह दूर-दराज से आए तमाम मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गेट से सुभाष चौराहे के बीच कैंडल मार्च निकाला। एएमए अध्यक्ष डॉ. आरकेएस चौहान की अगुवाई में डॉक्टरों ने बंगाल की घटना की निंदा की। सचिव डॉ. राजेश मौर्य ने कहा कि अस्पतालों में हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए आईएमए कानून बनाने की मांग सरकार से कर रहा है। उन्होंने कहा कि रविवार को विरोध जारी रहेगा। सोमवार को प्रात: छह बजे से 18 जून को प्रात: छह बजे तक सभी चिकित्सकीय संस्थान कार्य से विरत रहेंगे। मार्च के दौरान डॉ. वीके मिश्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. आशुतोष गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे
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ओपीडी खुलने के समय से ही जूनियर डॉक्टर एसआरएन गेट पर पहुंच गए।
पंजीकरण काउंटर एवं पैथालॉजी ठप कराते हुए डॉक्टरों ने ‘वी वांट जस्टिस’ ‘सेवा के बदले हमला, नहीं चलेगा’ के नारे लगाए। शनिवार को दूसरे दिन भी तमाम विभागों की ओपीडी नहीं चलने दी। विरोध-प्रदर्शन के बीच मरीज एक विभाग से दूसरे विभाग का चक्कर काटते रहे। कुछ सीनियर चिकित्सकों ने थोड़ी देर के लिए ओपीडी चलाई, लेकिन मरीजों को दवा नहीं मिल सकी। जूनियर डॉक्टरों ने एक्सरे, एमआरआई, पैथालॉजी में काम-काज पूरी तरह ठप करा दिया था। गैस्ट्रो विभाग मेें मरीजों की बड़ी संख्या बिना इलाज के ही लौट गई। शंकरगढ़ से आए देवीप्रसाद शुक्ला के मुताबिक वह अपने दस साल के पोते शिवम को दिखाने आए थे लेकिन डॉक्टर के न मिलने से उनको मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। इसी तरह दूर-दराज से आए तमाम मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
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इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गेट से सुभाष चौराहे के बीच कैंडल मार्च निकाला। एएमए अध्यक्ष डॉ. आरकेएस चौहान की अगुवाई में डॉक्टरों ने बंगाल की घटना की निंदा की। सचिव डॉ. राजेश मौर्य ने कहा कि अस्पतालों में हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए आईएमए कानून बनाने की मांग सरकार से कर रहा है। उन्होंने कहा कि रविवार को विरोध जारी रहेगा। सोमवार को प्रात: छह बजे से 18 जून को प्रात: छह बजे तक सभी चिकित्सकीय संस्थान कार्य से विरत रहेंगे। मार्च के दौरान डॉ. वीके मिश्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. शार्दूल सिंह, डॉ. अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. युगांतर पांडेय, डॉ. निधि मिश्रा, डॉ. आशुतोष गुप्ता समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे
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