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सामान्य बुखार या दर्द में न लें पेन किलर, हर बुखार नहीं होता कोरोना संक्रमण का प्रारंभिक लक्षण

Fri, 30 Apr 2021 01:12 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 30 Apr 2021 01:12 AM IST
सार

  • बुखार हो तो चिकित्सकीय परामर्श के बाद ले सकते हैं पैरासीटामॉल की गोली

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Do not take pen killer in normal fever or pain, not every fever is an early symptom of corona infection
मेडिकल डिवाइस पार्क - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज। कोरोना संक्रमण के खौफ में सामान्य बुखार या सर्दी-जुकाम हो तो पेन किलर्स (दर्द निवारक गोलियां) लेने से परहेज करना होगा। विशेषज्ञों ने चेताया है कि कोरोना संक्रमण हो या न हो, बिना परामर्श किसी भी तरह की दवाओं का प्रयोग नई बीमारियों का कारण बन सकता है। दिल के रोगी, हाई बीपी और शुगर (मधुमेह) पीड़ित मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
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कोविड संक्रमितों का इलाज कर रहे टीबी चेस्ट (पल्मोनरी) विशेषज्ञ डॉ.आशुतोष गुप्ता के मुताबिक कोरोना संक्रमण की स्थिति में मरीज की दशा देखकर दवाएं दी जाती हैं। वहीं सामान्य मरीजों को इस सीजन में वायरल फीवर सहित अन्य परेशानियां हो रही हैं। दर्द निवारक दवाओं को बिना परामर्श लगातार लेने से दिल ही नहीं लिवर और किडनी के मरीजों को दिक्कत हो सकती है। वहीं सामान्य रोगियों को नई बीमारियां घेर सकती हैं। बुखार हो तो प्रारंभिक इलाज के तौर पर पैरासीटामॉल की गोली ली जा सकती है। यदि मरीज कोरोना संक्रमित हुआ तो दर्द निवारक दवाएं दुश्वारियां बढ़ा सकती हैं। इन दिनों जितने भी मरीजों के फोन आ रहे हैं, वह बिना कोविड जांच कराए लक्षणों के आधार पर खुद को कोरोना संक्रमित बताते हैं, यह स्थिति ठीक नहीं हैं। लक्षण दिखें और कोविड रिपोर्ट निगेटिव आए फिर भी खांसी या बुखार की शिकायत बनी रहे तो सीटी स्कैन से संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। मौका डरने का नहीं, डटकर मुकाबला करने का है।
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मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के पल्मोनरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. तारिक महमूद के मुताबिक बुखार होना ही कोरोना है, यह मानना गलत है। बिना कोविड जांच रिपोर्ट के इसका उपचार खुद से करना घातक हो सकता है। शरीर में दर्द या बुखार है तो साधारण पैरासीटामॉल की गोली छह से आठ घंटे के अंतराल में चिकित्सकीय परामर्श पर ली जा सकती है। लगातार खांसी और बुखार कोरोना के नहीं टीबी(क्षय रोग) के लक्षण भी हो सकते हैं। फेफड़ों में संक्रमण कई प्रकार के होते हैं। ऐसे में सर्दी-जुकाम या बुखार की शिकायत पर खुद को कोरोना संक्रमित मान लेना ठीक नहीं है। सर्दी-गर्मी के इस मौसम में विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। ठंडे पेय पदार्थों से परहेज और नियमित दो भार भाप लेने से राहत मिलेगी। सामान्य बुखार हो या अन्य कोई दिक्कत. बिना डॉक्टर के सलाह किसी तरह की दवाएं, खासकर एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल मरीज को गंभीर स्थिति में पहुंचा सकता है। उन्होंने सलाह दी है कि कोरोना संक्रमण का प्रसार बढ़ा है, लेकिन घबराने की नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत है। 
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बचाव के उपाय

- बाहर निकलें तो मास्क जरूर लगाएं
-मास्क दो लगाएं तो कोरोना संक्रमण से ज्यादा बचाव होगा
- ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कतई न करें
- कूलर या एसी की सीधी हवा से बचें, जरूरी न हो तो पंखे से काम चलाएं
- बाहर निकलें तो घर आकर हाथ जरूर धोएं, सैनिटाइजर का प्रयोग करें
- धूप से आकर सीधे पानी बिल्कुल न पीएं, 15 मिनट बाद सादा पानी पीएं
- गुनगुना पानी पीना और नमक का गरारा गले की खराश मिटाएगा
- धूप में सिर को गमछे से लपेट कर ही निकलें, कड़ी धूप से बचें 
- बुखार दो से तीन दिन बना रहे या हरारत लगे तो डॉक्टर से सलाह लें
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