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बार कौंसिल में अध्यक्ष पर को लेकर विवाद

Sun, 17 May 2020 12:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 12:33 AM IST
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dispute in the post of bar council president
बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह का अध्यक्ष बनते ही विवादों से नाता जुड़ गया था। कौंसिल के सदस्यों की ओर से ही उनकी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे। जून 2019 में बार कौंसिल चुनाव का परिणाम आने के बाद अध्यक्ष पद के चुनाव में उन्होंने दरवेश यादव के बराबर मत प्राप्त किए थे। चुनाव टाई हो जाने के कारण सदस्यों ने दोनों प्रत्याशियों के छह-छह माह का कार्यकाल तय किया था। पहले छह महीने का कार्यकाल दरवेश यादव का था, मगर दुर्भाग्य से पद संभालने के तीसरे दिन ही उनकी आगरा में हत्या हो गई।
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अब प्रश्न उठा कि हरिशंकर सिंह को दरवेश वाला कार्यकाल भी मिल जाएगा या फिर वह छह महीने के लिए ही अध्यक्ष रहेंगे। कौंसिल के सदस्यों का सदन इसका कोई समाधान कर पाता इससे पहले ही हरिशंकर सिंह ने खुद को पूरे एक वर्ष के कार्यकाल का अध्यक्ष घोषित कर दिया। इसे लेकर खासा बवाल हुआ। हरिशंकर सिंह को प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सफाई देनी पड़ी। हालांकि, बाद में सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनको पूरे वर्ष के लिए अध्यक्ष मान लिया।
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उनके कार्यकाल के दौरान ही लॉकडाउन शुरू के बाद से विवाद फिर गहराने लगा। लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद वकीलों की आर्थिक मदद को लेकर अध्यक्ष की नाकामी के कारण भी उनको काफी आलोचना झेलनी पड़ी। 17 मई को बुलाई गई रिक्यूजीशन मीटिंग के दिन अवकाश घोषित करना और निलंबित सचिव रामजीत को बहाल करना उनको भारी पड़ गया।
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कौंसिल के उपाध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा, पूर्व अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, अखिलेश अवस्थी, अब्दुल रज्जाक सहित दर्जन भर सदस्यों ने हरिशंकर सिंह के खिलाफ प्रस्ताव पास कर शुक्रवार रात मेें भी बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र के पास भेज दिया था। चेयरमैन ने रात में ही वीडियो कांफ्रेंसिंग से सदस्यों से बात की और तमाम आरोपों को देखते हुए हरिशंकर सिंह के अध्यक्ष के रूप में काम करने पर रोक लगा दी। 14 मई से उनके द्वारा लिए गए तमाम फैसलों पर भी रोक लगा दी गई, जिससे पूर्व सचिव की बहाली भी अधर में लटक गई है।
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