फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Directorate of Higher Education, work is not done on time, on receiving the complaint

यूपी : उच्च शिक्षा निदेशालय में समय से नहीं होते काम, शिकायत मिलने पर प्रमुख सचिव ने निदेशक को जारी किया पत्र

Wed, 15 Mar 2023 07:49 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 15 Mar 2023 07:49 PM IST
सार

प्रमुख सचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार शासन के संज्ञान में आया है कि इन प्रकरणों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब किया जाता है। साथ ही इनसे संबंधित निर्णयों और निस्तारण में पारदर्शिता नहीं है और संबंधित कर्मचारी को नैसर्गिक न्याय सिद्धांत के अनुसार पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध नहीं हो पाता है।

विज्ञापन
Directorate of Higher Education, work is not done on time, on receiving the complaint
Prayagraj News : शिक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उच्च शिक्षा निदेशालय में कर्मचारियों और शिक्षकों के काम समय से नहीं होते हैं और अगर काम हुआ भी तो संबंधित शिक्षक या कर्मचारी को इसकी सूचना नहीं दी जाती है। यह मामला शासन के संज्ञान में आने के बाद प्रमुख सचिव डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. ब्रह्मदेव को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि किसी भी समस्या का समाधान दो हफ्ते में हो जाना चाहिए।

विज्ञापन

निदेशालय स्तर से राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के मामलों को निस्तारण किया जाता है। इनमें पेंशन, जीपीएफ, वेतन निर्धारण, मृतक आश्रित, अनुज्ञा, वेतन भुगतान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, अनापत्ति प्रमाणपत्र, अवकाश स्वीकृति, स्थायीकरण, विदेश जाने के लिए अनुमति जैसे कार्य शामिल हैं।

विज्ञापन


प्रमुख सचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार शासन के संज्ञान में आया है कि इन प्रकरणों के निस्तारण में अत्यधिक विलंब किया जाता है। साथ ही इनसे संबंधित निर्णयों और निस्तारण में पारदर्शिता नहीं है और संबंधित कर्मचारी को नैसर्गिक न्याय सिद्धांत के अनुसार पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध नहीं हो पाता है। किसी मामले में निर्णय के बाद संबंधित कर्मचारी को सूचना भी नहीं दी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस कार्यप्रणाली की वजह से न्यायालय में अनेक वाद योजित किए जाते हैं, जिससे राज्य सरकार पर अनावश्यक रूप से कार्यों का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक प्रकरण को अधिकतम दो सप्ताह में निस्तारित किया जाए। प्रकरण निस्तारित होने के बाद उसकी एक प्रति विभाग के वेबसाइट पर उसी दिन अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।

साथ ही संबंधित कर्मचारी, महाविद्यालय और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय के आधिकारिक ईमेल आईडी पर निस्तारण की सूचना तत्काल प्रेषित की जाए। प्रमुख सचिव ने यह भी कहा है कि महाविद्यालयों की ओर से प्रकरण केवल रजिस्टर्ड डाक से ही निदेशालय को प्रेषित किए जाएं। निदेशालय में व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत प्रकरण केवल शिक्षा निदेशक की अनुमति के बाद ही प्राप्त किए जाएं।

प्रमुख सचिव ने यह निर्देश भी दिए हैं कि प्रत्येक सप्ताह लंबित प्रकरणों की अनुभागवार सूची कंप्यूटर केंद्र प्रभारी निदेशक को उपलब्ध कराएंगे और यह उत्तरदायित्व कंप्यूटर केंद्र प्रभारी का होगा। वहीं, शिक्षा निदेशक प्रत्येक शुक्रवार को सभी अनुभागों के लंबित प्रकरणों से संबंधित एक समीक्षा बैठक करेंगे और शासन को पाक्षिक समीक्षा आख्या भी उपलब्ध कराएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed