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राज्य विवि और डिग्री कॉलेजों में भी शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की आशंका, 27 के अभिलेख पाए गए संदिग्ध
Sat, 01 Aug 2020 06:49 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2020 06:49 PM IST
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- फोटो : पेक्सेल्स
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में स्थित राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में तैनात शिक्षकों की जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेज दी है, लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। संदिग्ध शिक्षकों की अलग से जांच कराए जाने के लिए शासन को संस्तुति भेजने के साथ ही निदेशालय ने संबंधित शिक्षकों का ब्यौरा भी तलब कर लिया हैं।
अभिलेखों की जांच-पड़ताल के बाद शिक्षकों का भी पक्ष लिया जाएगा और फिर कोई कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध शिक्षकों की नियुक्ति अगर फर्जी है तो स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करें। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ११४१२ शिक्षकों की जांच कराई है और इनमें से २७ मामले संदिग्ध पाए गए हैं।
यह जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई गई थी। क्षेत्रीाय उच्च शिक्षा अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कुछ जनपदों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर संदेहास्पद, फर्जी पाए गए, अनियमित या अन्य कारण अंकित किए गए हैंं, लेकिन स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं की गई है।
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निदेशालय ने पत्र जारी कर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र के तहत जनपदवार संदेहास्पद, अनियमित, फर्जी पाए गए या अन्य कारण का विस्तृत विवरण संकलित कर निदेशालय के ईमेल आईडी पर चार अगस्त को दोपहर एक बजे तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही निदेशालय संदिग्ध मामलों की अलग से जांच कराने जा रहा है।
संदिग्ध, फर्जी, अनियमित नियुक्तियों के मामले में निदेशालय ने संबंधित शिक्षकों का ब्यौरा तलब किया है। ऐसे शिक्षकों के अभिलेखों की जांच-पड़ताल शुरू किए जाने की तैयारी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि अभिलेखों की गहनता से जांच के बाद संदिग्ध शिक्षकों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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अभिलेखों की जांच-पड़ताल के बाद शिक्षकों का भी पक्ष लिया जाएगा और फिर कोई कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निदेशालय ने सभी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि संदिग्ध शिक्षकों की नियुक्ति अगर फर्जी है तो स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट करें। उच्च शिक्षा निदेशालय ने राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ११४१२ शिक्षकों की जांच कराई है और इनमें से २७ मामले संदिग्ध पाए गए हैं।
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यह जांच क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से कराई गई थी। क्षेत्रीाय उच्च शिक्षा अधिकारियों की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कुछ जनपदों में शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर संदेहास्पद, फर्जी पाए गए, अनियमित या अन्य कारण अंकित किए गए हैंं, लेकिन स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं की गई है।
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निदेशालय ने पत्र जारी कर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अपने क्षेत्र के तहत जनपदवार संदेहास्पद, अनियमित, फर्जी पाए गए या अन्य कारण का विस्तृत विवरण संकलित कर निदेशालय के ईमेल आईडी पर चार अगस्त को दोपहर एक बजे तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराया जा सके। इसके साथ ही निदेशालय संदिग्ध मामलों की अलग से जांच कराने जा रहा है।
संदिग्ध, फर्जी, अनियमित नियुक्तियों के मामले में निदेशालय ने संबंधित शिक्षकों का ब्यौरा तलब किया है। ऐसे शिक्षकों के अभिलेखों की जांच-पड़ताल शुरू किए जाने की तैयारी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. वंदना शर्मा का कहना है कि अभिलेखों की गहनता से जांच के बाद संदिग्ध शिक्षकों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।