{"_id":"5dbddee58ebc3e016d633432","slug":"dial-hundred-man-dead-due-to-heart-attack-allahabad-news-ald259112134","type":"story","status":"publish","title_hn":"हार्ट अटैक से डायल 100 के एचसीपी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हार्ट अटैक से डायल 100 के एचसीपी की मौत
विज्ञापन
Dial hundred man dead due to Heart Attack
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धूमनगंज स्थित कमरे में बिगड़ी तबीयत
प्रयागराज। धूमनगंज में रहने वाले डायल 100 के एचसीपी रंजन सिंह(58) की शनिवार भोर में हार्ट अटैक से मौत हो गई। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
रंजन मूल रूप से फतेहपुर जिले के हसनपुर के रहने वाले थे। शहर में उनकी तैनाती खुल्दाबाद डायल 100 में थी। धूमनगंज में वह किराये के कमरे में रहते थे, जबकि परिवार गांव में रहता था। पत्नी उनके साथ रहती थीं, लेकिन दीपावली पर वह भी घर चली गई थीं। शुक्रवार रात आठ बजे ड्यूटी खत्म कर वह कमरे पर पहुंचे और सो गए। भोर में तीन बजे के करीब उनके सीने में तेज दर्द हुआ। सूचना पर करीब में ही रहने वाली बेटी व दामाद पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने फतेहपुर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। घटना को लेकर साथी पुलिसकर्मी गमगीन रहे। हालांकि उनके बीच यह भी चर्चा रही कि रोजाना 12 घंटे व रविवार को लगातार 18 घंटे की ड्यूटी पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बीमार बना रही है।
विज्ञापन
प्रयागराज। धूमनगंज में रहने वाले डायल 100 के एचसीपी रंजन सिंह(58) की शनिवार भोर में हार्ट अटैक से मौत हो गई। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद परिजन उन्हें अस्पताल ले गए। लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
रंजन मूल रूप से फतेहपुर जिले के हसनपुर के रहने वाले थे। शहर में उनकी तैनाती खुल्दाबाद डायल 100 में थी। धूमनगंज में वह किराये के कमरे में रहते थे, जबकि परिवार गांव में रहता था। पत्नी उनके साथ रहती थीं, लेकिन दीपावली पर वह भी घर चली गई थीं। शुक्रवार रात आठ बजे ड्यूटी खत्म कर वह कमरे पर पहुंचे और सो गए। भोर में तीन बजे के करीब उनके सीने में तेज दर्द हुआ। सूचना पर करीब में ही रहने वाली बेटी व दामाद पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने फतेहपुर में उनका अंतिम संस्कार कर दिया। घटना को लेकर साथी पुलिसकर्मी गमगीन रहे। हालांकि उनके बीच यह भी चर्चा रही कि रोजाना 12 घंटे व रविवार को लगातार 18 घंटे की ड्यूटी पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बीमार बना रही है।
विज्ञापन