डीजीपी बोले : जहां भीड़ अधिक वहां तैनात होंं ज्यादा से ज्यादा अफसर, संगम क्षेत्र में न इकट्ठी होने दें भीड़
मौनी अमावस्या पर हुए हादसाें के बाद बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव संग पहुंचे डीजीपी प्रशांत कुमार ने बसंत पंचमी पर्व को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश दिए।
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मौनी अमावस्या पर हुए हादसाें के बाद बृहस्पतिवार को मुख्य सचिव संग पहुंचे डीजीपी प्रशांत कुमार ने बसंत पंचमी पर्व को लेकर विस्तृत दिशा निर्देश दिए। कहा कि भीड़ के आधार पर मेला ही नहीं बल्कि शहर के भी संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया जाए। साथ ही वहां ज्यादा से ज्यादा अफसर तैनात किए जाएं।यह भी कहा कि पर्व से एक दिन पहले से ही यह व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाए कि किसी भी हाल में संगम के सर्कुलेटिंग एरिया में भीड़ न जमा हो पाए।
स्नान करने के साथ ही श्रद्धालुओें को फौरन गंतव्य की ओर रवाना किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आगमन व वापसी निर्धारित मार्गों से ही हो। इसके अलावा संगम पर बैरियर प्वाइंट बनाए जाएं और स्थिति को देखते हुए भीड़ को आगे बढ़ने दिया जाए। अखाड़ा मार्ग पर किसी भी हाल में श्रद्धालु न जाने पाएं और इसके लिए पर्याप्त पुलिसबल तैनात किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बॉर्डर एरिया में एसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाए।
मातहताें से बोले- यह भी सुनिश्चित करें
कंटीजेंसी प्लान का बेहतर उपयोग
अपनी दिशा के घाटों पर स्नान प्लान का प्रभावी क्रियान्वयन
कमांड सेंटर से लाइव निगरानी व अलर्ट
वॉच टॉवर पर चढ़कर देखा घटनास्थलअफसरों संग बैठक से पहले सुबह मेला क्षेत्र में आते ही मुख्य सचिव के साथ डीजीपी उस जगह पर पहुंचे जहां हादसा हुआ। इसके बाद उन्होंने संगम घाट के पास बने वाॅचटॉवर पर चढ़कर भी घटनास्थल का जायजा लिया। यह जानने का प्रयास किया कि आखिर किस वजह से यह हादसा हुआ।
सीएम 12 घंटे तक करते रहे पल-पल की मॉनीटरिंग
डीजीपी ने कहा कि बुधवार रात में जो घटना घटी है, उससे हर कोई दुखी है। मुख्यमंत्री स्वयं घटना के बाद से भावुक हैं। उन्होंने बुधवार तड़के से ही मीटिंग में बुलाया और लगातार 12 घंटे तक पल-पल की मॉनीटरिंग करते रहे। 10 मिनट का भी उन्होंने रेस्ट नहीं लिया। उनके लिए यह घटना शॉकिंग थी, क्योंकि उन्होंने अपनी तरफ से व्यवस्था को बेहतर से बेहतर बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी।
अब हमें बसंत पंचमी के अमृत स्नान को जीरो एरर बनाना है। इसके लिए यदि एक्सपर्ट्स की मदद लेनी हो तो ली जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थलों पर सर्वाधिक भीड़ है, वहां ज्यादा से ज्यादा अधिकारी फोर्स के साथ मौजूद रहें। मुख्य सचिव व डीजीपी के साथ हुई बैठक में यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, डीआईजी वैभव कृष्ण, एसएसपी राजेश द्विवेदी मौजूद रहे।