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Prayagraj News: शृंग्वेरपुर धाम में सोमवती अमावस्या पर उमड़े भक्त, लगाई आस्था की डुबकी
Tue, 16 Jun 2026 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Tue, 16 Jun 2026 01:58 AM IST
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सोमवती अमावस्या पर श्रृंग्वेरपुर धाम में गंगा में आस्था की डुबकी लगाते श्रद्धालु।
पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या के अवसर पर गंगा तट पर हजारों श्रद्धालु उमड़े। प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाटों पर पहुंचने लगे। उन्होंने पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने धाम की सिद्ध पीठ मां शांता शृंगी ऋषि और अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान की पूजा की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अनेक श्रद्धालुओं ने व्रत, जप, तप और पूजा-अर्चना कर पुण्य अर्जित किया।
सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के इस विशेष संयोग को अत्यंत पुण्यदायी माना गया। लोगों ने दान-पुण्य भी किया। श्रद्धालुओं ने गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र तथा दक्षिणा वितरित की। दिनभर गंगा तट और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
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धार्मिक महत्व
तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष पंडित काली सहाय त्रिपाठी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन पड़ने वाली इस अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु और शिव की पूजा से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। मान्यता है कि गंगा स्नान से पापों का क्षय होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कार्य सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं। गंगा घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जल पुलिस के साथ ही अन्य स्थानों पर भी पुलिस के जवान मुस्तैद नजर आए। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटी रही। उन्होंने श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।
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स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने धाम की सिद्ध पीठ मां शांता शृंगी ऋषि और अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान की पूजा की और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अनेक श्रद्धालुओं ने व्रत, जप, तप और पूजा-अर्चना कर पुण्य अर्जित किया।
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सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के इस विशेष संयोग को अत्यंत पुण्यदायी माना गया। लोगों ने दान-पुण्य भी किया। श्रद्धालुओं ने गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र तथा दक्षिणा वितरित की। दिनभर गंगा तट और मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं के जयघोष और भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
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धार्मिक महत्व
तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष पंडित काली सहाय त्रिपाठी ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन पड़ने वाली इस अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य और भगवान विष्णु और शिव की पूजा से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। मान्यता है कि गंगा स्नान से पापों का क्षय होता है और पितरों की कृपा प्राप्त होती है। श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए धार्मिक कार्य सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करते हैं। गंगा घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जल पुलिस के साथ ही अन्य स्थानों पर भी पुलिस के जवान मुस्तैद नजर आए। पुलिस और स्वयंसेवकों की टीम लगातार श्रद्धालुओं की सहायता में जुटी रही। उन्होंने श्रद्धालुओं को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।