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उम्मीद से हटकर पर्यावरण, करेंट से अधिक सवाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 08 Aug 2016 01:46 AM IST
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समाचार पत्रों को गंभीरता से पढ़ने वाले अभ्यर्थियों के लिए सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2016 के प्रश्नों को हल करना अपेक्षाकृत आसान रहा। सामान्य अध्ययन के पेपर में समसामयिकी और पर्यावरण से अधिक सवाल पूछे गए। अकेले पर्यावरण से दो दर्जन प्रश्न पूछे गए थे। ऐसे में इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान आदि परंपरागत विषयों में पकड़ रखने वाले अभ्यर्थियों को थोड़ा निराशा मिली।
रविवार को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के सवालों का स्तर भी काफी ऊंचा रहा। सीधे सवाल नहीं पूछे गए थे। कृषि पर आधारित एक प्रश्न था, ‘पारंपरिक कृषि प्रणालियों को सार्वभौम रूप से महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली की हैसियत प्रदान करता है। इसका संपूर्ण लक्ष्य क्या है?’ एक अन्य प्रश्न था, ‘समाचार पत्रों में उल्लेखित समूह कहां से संबंधित हैं।’ समूह में मधेसी, रोहिंगा आदि का नाम दिया था। इसी तरह से अन्य प्रश्न भी थे। सीसैट के प्रश्नों का भी सीधा जवाब नहीं था। विभिन्न स्थितियों पर आधारित इन प्रश्नों में अभ्यर्थियाें की मौलिक सोच को परखा गया।
संघ लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2016 आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। इलाहाबाद में 83 परीक्षा केंद्रों पर कुल 39563 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से मात्र 18664 अभ्यर्थियों ने ही दोनों पालियों की परीक्षा दी। पहली पाली में 11870 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं रही।
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रविवार को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन के सवालों का स्तर भी काफी ऊंचा रहा। सीधे सवाल नहीं पूछे गए थे। कृषि पर आधारित एक प्रश्न था, ‘पारंपरिक कृषि प्रणालियों को सार्वभौम रूप से महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली की हैसियत प्रदान करता है। इसका संपूर्ण लक्ष्य क्या है?’ एक अन्य प्रश्न था, ‘समाचार पत्रों में उल्लेखित समूह कहां से संबंधित हैं।’ समूह में मधेसी, रोहिंगा आदि का नाम दिया था। इसी तरह से अन्य प्रश्न भी थे। सीसैट के प्रश्नों का भी सीधा जवाब नहीं था। विभिन्न स्थितियों पर आधारित इन प्रश्नों में अभ्यर्थियाें की मौलिक सोच को परखा गया।
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संघ लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2016 आधे से अधिक अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। इलाहाबाद में 83 परीक्षा केंद्रों पर कुल 39563 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से मात्र 18664 अभ्यर्थियों ने ही दोनों पालियों की परीक्षा दी। पहली पाली में 11870 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं रही।
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