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सरकारी आवासों में अवैध रूप से रह रहे लोगों का ब्यौरा हाईकोर्ट में तलब
Sun, 08 Mar 2020 01:32 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 08 Mar 2020 01:32 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
सरकारी आवासों में अवैध रूप से रह रहे लोगों से आवास खाली न कराने पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रयागराज को तलब कर लिया है। कोर्ट ने उनको पूरे ब्यौरे के साथ हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है कि जिले में कितने सरकारी आवासों पर लोग अवैध कब्जा जमाए हैं। कितने लोगों को सरकारी आवास आवंटित किए गए हैं। कोर्ट ने पूरा ब्यौरा 25 मार्च को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
अरुण उपाध्याय की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने दिया। याची का कहना है कि सरकारी आवासों पर तमाम लोग अवैध रूप से कब्जा किए हैं। इनकी वजह से असली हकदारों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। खासकर जिलाधिकारी और श्रम विभाग के नियंत्रण वाले आवासों में अवैध लोगों को कब्जा है। इस पर कोर्ट ने इन आवासों के आवंटन की स्थिति और रह रहे लोगों के बारे में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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अरुण उपाध्याय की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने दिया। याची का कहना है कि सरकारी आवासों पर तमाम लोग अवैध रूप से कब्जा किए हैं। इनकी वजह से असली हकदारों को आवास नहीं मिल पा रहे हैं। खासकर जिलाधिकारी और श्रम विभाग के नियंत्रण वाले आवासों में अवैध लोगों को कब्जा है। इस पर कोर्ट ने इन आवासों के आवंटन की स्थिति और रह रहे लोगों के बारे में पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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